जीतू पटवारी का मोहन यादव सरकार पर हमला: 'खटारा बस से खटारा युवा नीति' बनी MP की पहचान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 7 अक्टूबर 2026 को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। पटवारी ने आरोप लगाया कि 'खटारा बस परियोजना' से लेकर 'खटारा युवा नीति' तक, राज्य सरकार की यही पहचान बन गई है — घोषणाएँ बड़ी, हकीकत खोखली।
मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा: योजना बनी विवाद की वजह
पटवारी ने कहा कि इंदौर से उज्जैन जाते समय 'मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा' की एक चलती बस में आग लग गई — और इस घटना ने सरकार की तथाकथित उपलब्धियों की जमीनी सच्चाई उजागर कर दी। उन्होंने कहा, 'जिस योजना को सरकार अपनी शान बताती थी, उसका यह हाल है।' उनके अनुसार यह दृश्य अब 'खटारा सरकार' का प्रतीक बन चुका है।
यूथ कॉन्क्लेव: खर्च करोड़ों, व्यवस्था शून्य
पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने आगामी वर्ष को 'युवा वर्ष' घोषित करते हुए भारी बजट से यूथ कॉन्क्लेव आयोजित किया, जिसमें बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल को ₹17 लाख देकर बुलाया गया। लेकिन कार्यक्रम में युवाओं के लिए बुनियादी व्यवस्थाएँ तक नहीं थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने वहाँ पहुँचे युवाओं और बेटियों के साथ बदसलूकी की — बाल खींचकर बाहर निकाला — और इसकी तस्वीरें सामने आई हैं। पटवारी ने माँग की कि इसके लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाए।
रोजगार के आँकड़े: खाली पद, खोखले वादे
पटवारी के अनुसार, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) में लगभग 1,500 से 1,600 पद रिक्त हैं, फिर भी सरकार 100 से पौने 200 पदों पर भर्ती निकालकर पीठ थपथपा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने साल में दो बार पीएससी परीक्षा कराने की घोषणा की है, लेकिन जब पर्याप्त पद ही सृजित नहीं हैं तो यह घोषणा बेमानी है। गौरतलब है कि पूर्व में पीएससी परीक्षाओं के परिणाम आने में तीन-तीन साल तक का समय लगता रहा है।
पटवारी ने बताया कि प्रदेश में स्वीकृत पदों के आधार पर लगभग 13 से 14 लाख पद होने चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल लगभग 7.4 लाख पद भरे हैं और 5 लाख से अधिक सरकारी पद रिक्त हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 20 वर्षों में मात्र 59 हजार पद भरे गए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि पहले की 2.5 लाख और 5 लाख नौकरियों की घोषणाओं का क्या हुआ, जबकि अब 1 लाख नौकरियों का नया वादा किया जा रहा है।
उच्च शिक्षा संकट और व्यापमं की छाया
पटवारी ने चेताया कि प्रदेश की 17 सरकारी विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 86 से 87 प्रतिशत पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ शिक्षक ही नहीं, वहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वादा खोखला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि व्यापमं घोटाले में संदिग्ध भूमिका वाले व्यक्ति आज भी सत्ता के गलियारों में सरकार के महत्वपूर्ण सलाहकारों के रूप में बैठे हैं।
बढ़ता कर्ज और आगे की चुनौती
पटवारी के अनुसार, प्रदेश सरकार का कुल कर्ज बढ़कर ₹5.68 लाख करोड़ से ₹6.35 लाख करोड़ के स्तर तक पहुँच गया है। उन्होंने बताया कि इसी माह सरकार लगभग ₹6,000 करोड़ का नया कर्ज ले रही है। पटवारी ने चेतावनी दी कि मध्य प्रदेश का युवा अब सिर्फ भाषण और घोषणाएँ नहीं, बल्कि रोजगार, पारदर्शी भर्ती, समय पर परीक्षा, और वास्तविक नियुक्ति चाहता है — और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।