झारखंड विधानसभा मानसून सत्र 2026: शोक प्रस्ताव से आगाज़, असम बाढ़ पीड़ितों को ₹3 करोड़ की सहायता मंजूर
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार, 6 अगस्त को रांची में शोक प्रस्ताव के साथ शुरू हुआ। सदन ने पिछले सत्र के बाद दिवंगत हुए पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों, शहीद जवानों और विभिन्न हादसों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी दौरान असम के बाढ़ पीड़ितों के लिए झारखंड सरकार की ओर से ₹3 करोड़ की आर्थिक सहायता देने का उल्लेख भी किया गया।
किन दिग्गजों को मिली श्रद्धांजलि
सदन में सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी। पूर्व परिवहन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री तथा गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह, पूर्व पशुपालन मंत्री एवं धनबाद के पूर्व विधायक मन्नान मलिक, पूर्व विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता और हरि राम, पूर्व खनन मंत्री लक्ष्मण राम तथा पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय को विशेष रूप से याद किया गया।
इसके अलावा डॉ. डीवाई पाटिल, पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी, सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोसले, शायर बशीर बद्र, संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप, वरिष्ठ पत्रकार एचके दुआ, लोक कलाकार तीजन बाई, निशानेबाज जसपाल राणा, क्रिकेटर गोपीनाथ, खोरठा साहित्यकार सुरेश विश्वकर्मा तथा झारखंड आंदोलनकारी कृष्ण कुमार महतो और दामू बांड्रा को भी श्रद्धांजलि दी गई।
शहीदों और हादसों के पीड़ितों को नमन
सदन ने जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में शहीद हुए जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उधमपुर सड़क हादसे, लखनऊ की आग, असम बाढ़ और नीट परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं को भी याद किया गया। गौरतलब है कि नीट विवाद ने पूरे देश में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
असम बाढ़ पीड़ितों के लिए ₹3 करोड़ की मदद
कार्यवाही के दौरान यह जानकारी सामने आई कि झारखंड सरकार ने असम के बाढ़ प्रभावितों को ₹3 करोड़ की सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। यह सहायता ऐसे समय में आई है जब असम में बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।
मांडू विधायक ने उठाया स्थानीय पीड़ितों का मुद्दा
शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मांडू के विधायक निर्मल कुमार ने अपने क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं, हाथियों के हमलों, वज्रपात और खदान धंसने की घटनाओं में हुई मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इन हादसों के पीड़ित परिवारों को भी आर्थिक सहायता देने की माँग की।
सदन में हल्का राजनीतिक रंग
शोक प्रस्ताव के बाद कार्यवाही में कुछ देर हल्का राजनीतिक माहौल भी देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और विधायक नवीन जायसवाल समेत कई विपक्षी सदस्य मास्क पहनकर सदन में पहुँचे, जिस पर सत्ता पक्ष की ओर से चुटकी ली गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी विपक्ष पर हल्का कटाक्ष किया, हालाँकि उनकी पूरी टिप्पणी स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दे सकी। आने वाले दिनों में मानसून सत्र में विभिन्न विधायी और जनहित के मुद्दों पर चर्चा अपेक्षित है।