18 अगस्त 2026
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कोडरमा में बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती की साजिश नाकाम, मुठभेड़ में चार गिरफ्तार; बरामद हुए 3 अवैध पिस्तौल

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कोडरमा में बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती की साजिश नाकाम, मुठभेड़ में चार गिरफ्तार; बरामद हुए 3 अवैध पिस्तौल

सारांश

कोडरमा पुलिस ने देर रात इंदरवा इलाके में दबिश देकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती की सुनियोजित साजिश तोड़ दी। मुठभेड़ में एक अपराधी घायल, चारों गिरफ्तार — और मोबाइल में मिले बैंक की रेकी के वीडियो ने साजिश की गहराई उजागर की।

मुख्य बातें

कोडरमा पुलिस ने 18 अगस्त की देर रात बैंक ऑफ महाराष्ट्र में डकैती की साजिश नाकाम की।
मुठभेड़ के बाद सन्नी कुमार , अतुल कुमार , अमन राज और प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा — कुल चार आरोपी गिरफ्तार।
भागते समय प्रिंस पांडेय ने पुलिस पर पाँच राउंड फायरिंग की; जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी।
बरामदगी: 3 अवैध पिस्तौल , 5 मैगजीन , 15 कारतूस और बैंक रेकी के वीडियो-तस्वीरें।
सूचना हजारीबाग पुलिस से मिली थी — दो जिलों के समन्वय से साजिश उजागर हुई।

झारखंड के कोडरमा जिले में पुलिस ने 18 अगस्त को देर रात बैंक ऑफ महाराष्ट्र में डकैती की एक सुनियोजित साजिश को विफल करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया। तिलैया थाना क्षेत्र के इंदरवा इलाके में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक अपराधी के दाहिने पैर में गोली लगी।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस को हजारीबाग जिले की पुलिस से इनपुट मिला था कि कुछ संदिग्ध अपराधी इंदरवा इलाके में बैंक डकैती की योजना बनाने के लिए एकत्र हुए हैं। सूचना मिलते ही कोडरमा पुलिस ने इलाके की त्वरित घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की। छापे में पुलिस ने मौके से सन्नी कुमार, अतुल कुमार और अमन राज को पकड़ लिया।

गिरोह का चौथा सदस्य प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा मौके से भागने लगा। पुलिस के अनुसार, भागते समय उसने पुलिस टीम पर करीब पाँच राउंड फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली उसके दाहिने पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। उसे तत्काल कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति खतरे से बाहर है।

बरामदगी और डिजिटल साक्ष्य

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने तीन अवैध पिस्तौल, पाँच मैगजीन और 15 कारतूस बरामद किए। इसके अलावा, आरोपियों के मोबाइल फोन की जाँच में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी से संबंधित वीडियो और तस्वीरें भी मिली हैं। पुलिस के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से स्पष्ट होता है कि अपराधी बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, आसपास के इलाके और आने-जाने के रास्तों की विस्तृत जानकारी जुटा रहे थे।

जाँच का दायरा

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और डकैती को किस तरह अंजाम देने की योजना थी। गौरतलब है कि यह जानकारी दो जिलों की पुलिस के समन्वय से मिली, जो अंतर-जिला पुलिस सहयोग की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि इस गिरोह ने जिले में पहले किसी आपराधिक घटना को अंजाम दिया है या नहीं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की विस्तृत जाँच जारी है और गिरोह के संभावित अन्य सदस्यों की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब झारखंड में संगठित अपराध गिरोहों पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि गिरोह ने रेकी कब से शुरू की और इस दौरान स्थानीय निगरानी तंत्र क्यों चूका। अवैध हथियारों की इतनी बड़ी खेप — तीन पिस्तौल और 15 कारतूस — यह संकेत देती है कि यह कोई अवसरवादी गिरोह नहीं, बल्कि सुसज्जित संगठित नेटवर्क है। पूछताछ में गिरोह के बाकी सदस्यों और आपूर्ति श्रृंखला का खुलासा होना ज़रूरी है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोडरमा में बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती की साजिश कैसे नाकाम हुई?
हजारीबाग पुलिस से मिली सूचना के आधार पर कोडरमा पुलिस ने 18 अगस्त की देर रात तिलैया थाना क्षेत्र के इंदरवा इलाके में छापा मारा और चार अपराधियों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम क्या हैं?
गिरफ्तार चारों आरोपियों के नाम सन्नी कुमार, अतुल कुमार, अमन राज और प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा हैं। प्रिंस पांडेय ने भागते समय पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ।
पुलिस ने मौके से क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन अवैध पिस्तौल, पाँच मैगजीन और 15 कारतूस बरामद किए। इसके अलावा उनके मोबाइल फोन में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी से जुड़े वीडियो और तस्वीरें भी मिली हैं।
घायल आरोपी की स्थिति कैसी है?
घायल आरोपी प्रिंस पांडेय को कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति खतरे से बाहर है।
पुलिस अब आगे क्या जाँच कर रही है?
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और डकैती की पूरी योजना का खुलासा करने में जुटी है। साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि इस गिरोह ने पहले किसी अन्य आपराधिक घटना को अंजाम दिया है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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