कोडरमा में बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती की साजिश नाकाम, मुठभेड़ में चार गिरफ्तार; बरामद हुए 3 अवैध पिस्तौल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के कोडरमा जिले में पुलिस ने 18 अगस्त को देर रात बैंक ऑफ महाराष्ट्र में डकैती की एक सुनियोजित साजिश को विफल करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया। तिलैया थाना क्षेत्र के इंदरवा इलाके में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक अपराधी के दाहिने पैर में गोली लगी।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस को हजारीबाग जिले की पुलिस से इनपुट मिला था कि कुछ संदिग्ध अपराधी इंदरवा इलाके में बैंक डकैती की योजना बनाने के लिए एकत्र हुए हैं। सूचना मिलते ही कोडरमा पुलिस ने इलाके की त्वरित घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की। छापे में पुलिस ने मौके से सन्नी कुमार, अतुल कुमार और अमन राज को पकड़ लिया।
गिरोह का चौथा सदस्य प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा मौके से भागने लगा। पुलिस के अनुसार, भागते समय उसने पुलिस टीम पर करीब पाँच राउंड फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली उसके दाहिने पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। उसे तत्काल कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति खतरे से बाहर है।
बरामदगी और डिजिटल साक्ष्य
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने तीन अवैध पिस्तौल, पाँच मैगजीन और 15 कारतूस बरामद किए। इसके अलावा, आरोपियों के मोबाइल फोन की जाँच में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी से संबंधित वीडियो और तस्वीरें भी मिली हैं। पुलिस के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से स्पष्ट होता है कि अपराधी बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, आसपास के इलाके और आने-जाने के रास्तों की विस्तृत जानकारी जुटा रहे थे।
जाँच का दायरा
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और डकैती को किस तरह अंजाम देने की योजना थी। गौरतलब है कि यह जानकारी दो जिलों की पुलिस के समन्वय से मिली, जो अंतर-जिला पुलिस सहयोग की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि इस गिरोह ने जिले में पहले किसी आपराधिक घटना को अंजाम दिया है या नहीं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की विस्तृत जाँच जारी है और गिरोह के संभावित अन्य सदस्यों की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब झारखंड में संगठित अपराध गिरोहों पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय है।