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क्या झारखंड में कुड़मी आंदोलन ने रेल सेवाओं को ठप कर दिया?

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क्या झारखंड में कुड़मी आंदोलन ने रेल सेवाओं को ठप कर दिया?

सारांश

झारखंड में कुड़मी समाज का 'रेल रोको' आंदोलन, धनबाद में ट्रेनों के संचालन को पूरी तरह बाधित कर रहा है। यात्रियों को हो रही कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जानिए इस आंदोलन की वजह और इससे प्रभावित ट्रेनों के बारे में।

मुख्य बातें

कुड़मी आंदोलन ने धनबाद में रेल सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
कई ट्रेनें रद्द और उनके मार्ग बदल दिए गए हैं।
यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के लिए प्रयासरत है।
प्रदर्शन जारी है जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं।

धनबाद, 20 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में कुड़मी समाज द्वारा चलाए जा रहे ‘रेल रोको’ आंदोलन ने धनबाद रेल मंडल में ट्रेनों के संचालन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। कुड़मी समाज अपनी मांगों को लेकर शनिवार सुबह से विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन कर रहा है। इस आंदोलन के कारण धनबाद से चलने वाली कई ट्रेनें रद्द की गईं, कई को बीच रास्ते में रोक दिया गया, और कई के मार्ग में बदलाव किया गया।

कुड़मी समाज का प्रदर्शन अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हो रहा है। प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू की है, लेकिन आंदोलनकारियों का प्रदर्शन जारी है, जिससे रेल सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं। प्रदर्शन के दौरान कई ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि कुछ ट्रेन बीच में रोकी गई हैं और कुछ का मार्ग बदला गया है।

रद्द की गई ट्रेनों में धनबाद-पटना इंटरसिटी, बरवाडीह-गोमो मेमू पैसेंजर, गोमो-बरवाडीह मेमू पैसेंजर, चंद्रपुरा-धनबाद मेमू पैसेंजर, गोमो-आसनसोल पैसेंजर, और सिंदरी-धनबाद पैसेंजर शामिल हैं। इसके अलावा, धनबाद-सासाराम इंटरसिटी को गोमो, पटना-बरकाकाना एक्सप्रेस को टोरी, आसनसोल-हटिया पैसेंजर को हजारीबाग टाउन और आसनसोल-वाराणसी मेमू एक्सप्रेस को मुगमा में रोका गया। वहीं, दुमका-रांची बाबाधाम एक्सप्रेस बराकर तक, वर्दमान-हटिया मेमू एक्सप्रेस आसनसोल तक, पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस कोडरमा तक और पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस गया तक चली।

जिन ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित हुआ, उनमें जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस, बीकानेर-सियालदह दुरंतो एक्सप्रेस, अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस, नई दिल्ली-हावड़ा पूर्वा एक्सप्रेस, वाराणसी-आसनसोल मेमू एक्सप्रेस, हावड़ा-रांची शताब्दी एक्सप्रेस, और सियालदह-गांधीधाम स्पेशल ट्रेन शामिल हैं।

यह आंदोलन यात्रियों के लिए भारी असुविधा का कारण बन रहा है। रेलवे स्टेशनों पर अफरा-तफरी का माहौल है, और कई यात्री बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। रेलवे प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात सामान्य करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक व्यवस्था करने और रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रेनों की स्थिति जांचने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित करता है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मुद्दे का समाधान शीघ्रता से करे ताकि यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुड़मी आंदोलन का कारण क्या है?
कुड़मी समाज अनुसूचित जनजाति का दर्जा और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहा है।
इस आंदोलन का रेलवे सेवाओं पर क्या प्रभाव पड़ा है?
यह आंदोलन धनबाद रेल मंडल में ट्रेनों के संचालन को पूरी तरह बाधित कर रहा है, जिससे कई ट्रेनें रद्द और कई का मार्ग बदल दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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