क्या ठंड और शीतलहर ने झारखंड को कंपकंपा दिया है? दो दिनों तक घने कोहरे का येलो अलर्ट
सारांश
Key Takeaways
- ठंड और शीतलहर ने झारखंड में स्थिति को गंभीर बना दिया है।
- मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
- घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
- सड़क और रेल यातायात पर कोहरे का प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है।
- बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
रांची, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ठंड और शीतलहर के कारण झारखंड राज्य में बर्फीली हवाएं चलने लगी हैं। रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि सोमवार को राज्य के उत्तर-पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। इसके साथ ही, कई जिलों में घना कोहरा जनजीवन और यातायात को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
इसकी गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग और गुमला जिलों के कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। गुमला और लातेहार में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है, जिससे सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जाएगी।
उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के प्रभाव से खुले क्षेत्रों में ठिठुरन और बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, सोमवार को राज्य के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़, दुमका, देवघर, गिरिडीह और पलामू प्रमंडल के जिलों में दृश्यता 50 से 200 मीटर तक सीमित हो सकती है। कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
मौसम विभाग ने वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने, धीमी गति से वाहन चलाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में मौसम शुष्क बना रहा। इस दौरान चाईबासा में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लातेहार में न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक है, लेकिन सोमवार से इसमें भी गिरावट की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि 6 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे सुधार के संकेत हैं, हालाँकि फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत के आसार नहीं हैं। दक्षिण झारखंड के जिलों पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सिमडेगा में ठंड का असर अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने तथा किसानों को पाले की आशंका को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।