झारखंड में नारी शक्ति वंदन अधिनियम: BJP ने CM हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर विशेष सत्र की मांग की

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झारखंड में नारी शक्ति वंदन अधिनियम: BJP ने CM हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर विशेष सत्र की मांग की

सारांश

BJP के बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू ने CM हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की माँग की है। विधेयक लागू होने पर झारखंड की लोकसभा सीटें 14 से 21 और विधानसभा सीटें 81 से 121 हो सकती हैं — यह माँग राजनीतिक दबाव है या वास्तविक सरोकार, यह देखना बाकी है।

Key Takeaways

बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू ने 3 मई 2026 को CM हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र की माँग की। केंद्र सरकार ने 16-18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाकर यह विधेयक पेश किया था, लेकिन BJP के अनुसार विपक्ष के असहयोग से यह पारित नहीं हो सका। विधेयक लागू होने पर झारखंड की लोकसभा सीटें 14 से बढ़कर 21 और विधानसभा सीटें 81 से 121 हो सकती हैं। इनमें क्रमशः 7 लोकसभा और 41 विधानसभा सीटों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। BJP ने CM से राज्यपाल की अनुमति लेकर विशेष सत्र बुलाने और केंद्र से विधेयक दोबारा संसद में लाने का आग्रह करने को कहा।

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 3 मई 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की माँग की है। BJP नेताओं का कहना है कि महिला आरक्षण से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक पर राज्य सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए।

पत्र में क्या कहा गया

पत्र में BJP नेताओं ने उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' पेश किया था। उनका आरोप है कि विपक्षी दलों के सहयोग की कमी के कारण यह विधेयक संसद से पारित नहीं हो सका। मरांडी और साहू ने तर्क दिया कि यदि यह विधेयक पारित होता, तो 2029 से देश की आधी आबादी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का ऐतिहासिक अवसर मिलता।

झारखंड पर संभावित प्रभाव

BJP नेताओं के अनुसार, इस विधेयक के लागू होने पर झारखंड की लोकसभा सीटें 14 से बढ़कर 21 हो सकती हैं, जिनमें से 7 सीटों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। इसी तरह विधानसभा सीटों की संख्या 81 से बढ़कर 121 होने और उनमें से 41 सीटों पर महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलने की बात भी पत्र में रेखांकित की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब महिला राजनीतिक भागीदारी को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज़ हो रही है।

सांस्कृतिक संदर्भ और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मरांडी और साहू ने पत्र में झारखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं को हमेशा सम्मानजनक स्थान मिला है। उन्होंने वीरांगना फूलो-झानो का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड की महिलाओं को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। गौरतलब है कि झारखंड में आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पहले से ही राष्ट्रीय औसत से कम रही है।

BJP की मुख्यमंत्री से अपील

BJP नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वह राज्यपाल की अनुमति लेकर झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं और 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से इसे दोबारा संसद में लाने का आग्रह करें। पत्र में यह भी कहा गया कि यदि मुख्यमंत्री दलगत राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेते हैं, तो यह झारखंड की आधी आबादी के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

आगे क्या होगा

अभी तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह माँग सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए राजनीतिक दबाव बनाने की BJP की रणनीति का हिस्सा हो सकती है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब राज्य में अगले चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं।

Point of View

लेकिन इसका समय और राजनीतिक संदर्भ ध्यान देने योग्य है — झारखंड में JMM-नेतृत्व वाली सरकार को घेरने की कोशिश इसमें स्पष्ट झलकती है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम राष्ट्रीय स्तर पर भी परिसीमन और जनगणना से जुड़ी शर्तों के कारण अटका हुआ है, जिसका ज़िम्मेदार केंद्र सरकार पर भी उतना ही है। ऐसे में राज्य विधानसभा का प्रतीकात्मक प्रस्ताव व्यावहारिक बदलाव लाने में कितना सक्षम होगा, यह संदिग्ध है। असली सवाल यह है कि क्या BJP इस मुद्दे को केवल चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, या वह केंद्र में भी परिसीमन की समयसीमा तय करने को तैयार है।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक महिला आरक्षण विधेयक है जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है। केंद्र सरकार ने इसे अप्रैल में संसद के विशेष सत्र में पेश किया था, लेकिन BJP के अनुसार विपक्ष के असहयोग से यह पारित नहीं हो सका।
झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र क्यों माँगा जा रहा है?
BJP नेता चाहते हैं कि झारखंड विधानसभा इस विधेयक के समर्थन में प्रस्ताव पारित करे और केंद्र सरकार से इसे दोबारा संसद में लाने का आग्रह करे। यह एक प्रतीकात्मक राजनीतिक कदम होगा जो केंद्र पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस विधेयक से झारखंड को क्या फायदा होगा?
BJP के अनुसार, विधेयक लागू होने पर झारखंड की लोकसभा सीटें 14 से बढ़कर 21 और विधानसभा सीटें 81 से बढ़कर 121 हो सकती हैं। इनमें से 7 लोकसभा और 41 विधानसभा सीटों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।
CM हेमंत सोरेन ने इस माँग पर क्या कहा?
अभी तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या JMM की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना बाकी है कि सत्तारूढ़ गठबंधन इस माँग को किस रूप में लेता है।
पत्र में वीरांगना फूलो-झानो का उल्लेख क्यों किया गया?
BJP नेताओं ने झारखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करने के लिए वीरांगना फूलो-झानो का संदर्भ दिया। इसके ज़रिए उन्होंने तर्क दिया कि झारखंड की महिलाओं को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
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