क्या झारखंड में 'स्वदेशी अपनाएं आत्मनिर्भर भारत बनाएं' अभियान का शुभारंभ हुआ?

Click to start listening
क्या झारखंड में 'स्वदेशी अपनाएं आत्मनिर्भर भारत बनाएं' अभियान का शुभारंभ हुआ?

सारांश

झारखंड की राजधानी रांची में 'स्वदेशी अपनाएं आत्मनिर्भर भारत बनाएं' अभियान का शुभारंभ किया गया है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस अभियान को शुरू किया है, जिसमें समाज के विभिन्न हिस्सों को स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

Key Takeaways

  • स्वदेशी उत्पादों को अपनाना आवश्यक है।
  • 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।
  • व्यापारियों को स्वदेशी सामान बेचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
  • अभियान में विभिन्न व्यापारिक संगठनों का सहयोग है।
  • विदेशी सामानों का बहिष्कार करना है।

रांची, २७ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड की राजधानी रांची में 'स्वदेशी अपनाएं आत्मनिर्भर भारत बनाएं' के तहत राज्यस्तरीय अभियान का आरंभ हुआ। इस अभियान का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बुधवार को विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर स्टिकर लगाकर किया।

संजय सेठ ने सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर रांची में दुकानों पर जाकर स्टिकर लगाते हुए जागरूकता अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि वे अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानों में स्वदेशी सामानों को बेचने और रखने का संकल्प लें।

इस अभियान में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों और व्यापारियों ने भाग लिया।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि १५ अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुकानदारों, व्यापारियों और उद्योगपतियों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया था। इसके पश्चात फेडरेशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स और संबंधित निकायों ने जन्माष्टमी पर एक बैठक की और गणेश चतुर्थी के दिन से रांची में अभियान शुरू करने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है कि २०४७ तक देश विकसित बन जाए।

संजय सेठ ने कहा कि अभियान के दौरान दुकानदारों ने आश्वासन दिया कि वे विदेशी सामानों को वापस कर देंगे। उन्होंने कहा कि मैं चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और उन व्यापारिक संगठनों को धन्यवाद दूंगा, जिन्होंने इस अभियान में भाग लिया।

वहीं, झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष परेश गट्टानी ने कहा कि प्रधानमंत्री के अनुसार, हमारा लक्ष्य २०४७ तक भारत को इतना सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है कि कोई भी बाहरी दबाव देश को प्रभावित न कर सके। जैसे अमेरिका ने ५० प्रतिशत टैरिफ लगाया है, भारत पर इसका कोई असर नहीं होगा। व्यापारियों को अपनी दुकानों पर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाले पोस्टर लगाने और धीरे-धीरे गैर-स्थानीय वस्तुओं का बहिष्कार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत विदेशी उत्पादों का बहिष्कार करेगा और स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करेगा। स्वदेशी सामान की बिक्री से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत होगा। स्वदेशी सामानों का आगे चलकर एक्सपोर्ट भी किया जा सकेगा। यदि देश एकजुट हो जाए तो कोई भी देश भारत को झुका नहीं पाएगा। हमें अपनी उत्पाद क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है।

Point of View

बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2047 तक भारत को विकसित बनाने का सपना हमें प्रेरित करता है। हमें सभी को इस दिशा में काम करने की आवश्यकता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

स्वदेशी अपनाने का अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान 27 अगस्त को रांची में शुरू हुआ।
कौन-कौन से संगठन इस अभियान में शामिल हैं?
झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स और अन्य व्यापारिक संगठन इस अभियान में शामिल हैं।
इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य लोगों को स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और विदेशी सामानों का बहिष्कार करने के लिए प्रेरित करना है।
केंद्रीय रक्षा मंत्री ने इस अभियान का शुभारंभ कैसे किया?
उन्होंने विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर स्टिकर लगाकर इस अभियान का शुभारंभ किया।
भारत कब तक आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य रखता है?
भारत का लक्ष्य 2047 तक आत्मनिर्भर बनना है।