क्या झारखंड सरकार चर्च के सामने नतमस्तक हो चुकी है?

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क्या झारखंड सरकार चर्च के सामने नतमस्तक हो चुकी है?

सारांश

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने आदिवासी संस्कृति को नुकसान पहुँचाने के लिए पेसा कानून में बदलाव किया है। उनका कहना है कि यह बदलाव ईसाई धर्म के लोगों को वरीयता देने के लिए किया गया है, जो आदिवासियों के अधिकारों के साथ एक बड़ा समझौता है।

Key Takeaways

  • पेसा कानून में बदलाव से आदिवासी संस्कृति प्रभावित हो रही है।
  • झारखंड सरकार का निर्णय चर्च के सामने नतमस्तक होने का संकेत देता है।
  • भाजपा प्रवक्ता ने आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा का सवाल उठाया है।
  • राजनीतिक लाभ के लिए समुदाय की संस्कृति का शोषण हो रहा है।
  • समाजवादी पार्टी की राजनीतिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।

रांची, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड सरकार द्वारा पेसा कानून के संबंध में जारी अधिसूचना को आदिवासी संस्कृति की मूल भावना पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि इस अधिसूचना से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार चर्च के सामने नतमस्तक हो चुकी है।

उन्होंने शनिवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पेसा कानून से यह स्पष्ट हो रहा है कि सरकार ईसाई धर्म के लोगों को वरीयता देने की कोशिश कर रही है। साथ ही आदिवासी समुदाय से आने वाले लोगों की मूल संस्कृति पर हमला कर रही है।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि पेसा कानून के संबंध में जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि अब ईसाई धर्म से जुड़ा व्यक्ति भी प्रधान का चुनाव लड़ सकता है। सरकार अपने इस फैसले से आदिवासी समुदाय की मूल संस्कृति पर हमला करने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार चोर दरवाजे से यहां पर ईसाई धर्म के लोगों को वरीयता देकर आदिवासी समुदाय के लोगों की संस्कृति पर हमला कर रही है। यह अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि पेसा कानून में यह भी प्रावधान किया गया है कि ईसाई धर्म अपना चुके आदिवासी व्यक्ति को सभी लाभ यथावत मिलते रहेंगे। इस दिशा में किसी भी प्रकार की तब्दीली नहीं की जाएगी। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार आदिवासियों के हितों के साथ समझौता करके ईसाई धर्म अपना चुके लोगों को अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे शीर्ष पर रख रही है।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि झारखंड में आप देख सकते हैं कि चर्चों में अब आदिवासी संस्कृति को फिर बहाल करने की कोशिश की जा रही है। आदिवासी समुदाय के संबंध में प्राचीन संस्कृति को अब चर्च की तरफ से भी आत्मसात किया जा रहा है। ऐसा करके ये लोग आदिवासी समुदाय की मूल भावना पर चोट करने की कोशिश कर रहे हैं।

यह सब कुछ राजनीतिक लाभ अर्जित करने के मकसद से किया जा रहा है, लेकिन मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि इससे इन लोगों को किसी भी प्रकार का राजनीतिक लाभ होने वाला नहीं है। इन्हें इससे कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है। प्रदेश की जनता इनके राजनीतिक चाल, चरित्र और चेहरे को अच्छे से जानती है। यह सरकार आदिवासियों के अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ को भाजपा की नजरों से नहीं देखा जाना चाहिए। इस पर भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। संघ को किसी भी राजनीतिक दल की दृष्टि से देखना उचित नहीं रहेगा। संघ को 100 वर्ष पूरे हो चुके हैं। संघ हमेशा से ही सामाजिक कल्याण को विशेष प्राथमिकता देता हुआ आया है। यही नहीं, जब कभी इस देश में सनातनियों पर किसी भी प्रकार का संकट आया है तो संघ सबसे पहले आगे आकर खड़ा हुआ। ऐसी स्थिति में मैं नहीं समझता हूं कि संघ को किसी भी राजनीतिक दल की दृष्टि से देखना उचित रहेगा।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि अगर हम भाजपा की बात करें, तो यह संघ के बहुत बाद आई है। ऐसी स्थिति में दोनों की आपस में तुलना करना अर्थविहीन है, लेकिन हां, इस बात को बिल्कुल भी खारिज नहीं किया जा सकता है कि हमने संघ में रहते हुए राजनीतिक ककहरा सीखा है। हमने संघ में रहते हुए राजनीतिक सिद्धांतों के बारे में सीखा है और उसे अपने राजनीतिक जीवन में आत्मसात किया है। संघ हमारे लिए राजनीति की पाठशाला रहा है। ऐसी स्थिति में इसकी अहमियत पर किसी भी प्रकार का सवाल नहीं उठाया जा सकता। भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं के लिए संघ का अपना एक अलग महत्व है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की हालत मौजूदा समय में ऐसी हो चुकी है कि उसे कोई भी पूछने के लिए तैयार नहीं है। वह सत्ता में आने के लिए लालायित है, लेकिन उस पर सूबे की जनता विश्वास नहीं कर पा रही है। वह अपना विश्वास खो चुकी है, इसलिए अब यह पार्टी येन केन प्रकारेण युवाओं को भड़काकर राजनीतिक लाभ अर्जित करने की कोशिश कर रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास के कार्य दोगुनी गति से हो रहे हैं। देश के युवा इस बात को भलीभांति समझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में समाजवादी पार्टी के नेता अब देश के युवाओं को किसी भी कीमत पर नहीं भड़का पाएंगे।

Point of View

NationPress
04/01/2026

Frequently Asked Questions

पेसा कानून क्या है?
पेसा कानून का उद्देश्य आदिवासी समुदायों को उनके अधिकारों की सुरक्षा करना और स्वशासन का अधिकार प्रदान करना है।
झारखंड सरकार ने इस अधिसूचना के जरिए क्या किया है?
झारखंड सरकार ने पेसा कानून के संबंध में एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें ईसाई धर्म से जुड़े लोगों को प्रधान के चुनाव में भाग लेने की अनुमति दी गई है।
भाजपा प्रवक्ता का क्या कहना है?
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव का कहना है कि सरकार आदिवासी संस्कृति पर हमला कर रही है और ईसाई धर्म के लोगों को वरीयता दे रही है।
क्या यह अधिसूचना आदिवासी अधिकारों के खिलाफ है?
प्रतुल शाह देव का मानना है कि यह अधिसूचना आदिवासी अधिकारों का उल्लंघन करती है और उनके संस्कृति पर हमला है।
समाजवादी पार्टी की स्थिति क्या है?
प्रतुल शाह देव के अनुसार, समाजवादी पार्टी की स्थिति अब इतनी कमजोर हो चुकी है कि जनता उस पर विश्वास नहीं कर रही है।
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