झारखंड में 750 करोड़ के शराब घोटाले की सीबीआई जांच की मांग, बाबूलाल मरांडी ने दी ज्ञापन

Click to start listening
झारखंड में 750 करोड़ के शराब घोटाले की सीबीआई जांच की मांग, बाबूलाल मरांडी ने दी ज्ञापन

सारांश

झारखंड में भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल से 750 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में ज्ञापन सौंपा और एसीबी की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

Key Takeaways

  • बाबूलाल मरांडी ने 750 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की।
  • भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की भूमिका संदिग्ध बताई गई।
  • राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हुआ है।
  • 17 में से 14 आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
  • राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील की गई है।

रांची, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में भाजपा के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से भेंट कर राज्य में कथित 750 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की अपील की। इस मुद्दे पर उन्होंने राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा।

ज्ञापन में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य के उत्पाद विभाग से जुड़े इस चर्चित मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की भूमिका संदिग्ध रही है। एजेंसी ने निष्पक्ष जांच के बजाय आरोपियों को संरक्षण देने का प्रयास किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022 में उत्पाद नीति में परिवर्तन के माध्यम से एक सिंडिकेट को लाभ पहुंचाया गया, जिससे राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हुआ। प्रारंभ में इसे 38 करोड़ रुपये का आंका गया था, लेकिन अब यह घोटाला 750 करोड़ रुपये से अधिक का हो चुका है।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने कुछ गिरफ्तारियां तो की हैं, लेकिन आरोप-पत्र समय पर दाखिल न करने से आरोपियों को कानूनी राहत मिलने का मार्ग खुला रह गया है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मई 2025 में तत्कालीन उत्पाद सचिव आईएएस विनय कुमार चौबे और संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बावजूद, 90 दिनों की वैधानिक अवधि के भीतर चार्जशीट पेश नहीं की गई, जिसके कारण अधिकांश आरोपियों को ‘डिफॉल्ट बेल’ मिल गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक 8 महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद एसीबी एक भी चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है, जिससे इस घोटाले में गिरफ्तार किए गए 17 में से 14 आरोपी जमानत पर बाहर आ चुके हैं।

मरांडी ने इसे जांच एजेंसी की लापरवाही या मिलीभगत के रूप में देखा। ज्ञापन में उन्होंने छत्तीसगढ़ के एक शराब कारोबारी का भी उल्लेख किया, जो गिरफ्तारी के बाद फरार हो गया और अब तक पकड़ा नहीं जा सका है।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल से निवेदन किया कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर एसीबी को शीघ्र चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दें और पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश करें, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और जनता का विश्वास बहाल हो।

Point of View

यह स्पष्ट है कि जनता का विश्वास बहाल करने की आवश्यकता है। यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होती है, तो इससे न केवल दोषियों को सजा मिलेगी, बल्कि लोगों का विश्वास भी पुनर्निर्मित होगा।
NationPress
05/04/2026

Frequently Asked Questions

बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल से क्या मांग की?
बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल से झारखंड में 750 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो की भूमिका क्या थी?
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपियों को बचाने का काम किया और समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं की।
घोटाले की प्रारंभिक राशि कितनी थी?
घोटाले की प्रारंभिक राशि 38 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो बाद में 750 करोड़ रुपये से अधिक हो गई।
कितने आरोपी जमानत पर बाहर आ चुके हैं?
इस घोटाले में गिरफ्तार किए गए 17 में से 14 आरोपी जमानत पर बाहर आ चुके हैं।
मरांडी ने ज्ञापन में किसकी गिरफ्तारी का उल्लेख किया?
उन्होंने ज्ञापन में तत्कालीन उत्पाद सचिव आईएएस विनय कुमार चौबे और संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह की गिरफ्तारी का उल्लेख किया।
Nation Press