झारखंड ट्रेजरी में करोड़ों की फर्जी निकासी: जांच के आदेश और गिरफ्तारी

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झारखंड ट्रेजरी में करोड़ों की फर्जी निकासी: जांच के आदेश और गिरफ्तारी

सारांश

झारखंड में दो ट्रेजरी में करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी का खुलासा हुआ है। बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी में धोखाधड़ी के मामलों के बाद राज्य ने जांच के आदेश दिए हैं। जानें क्या है पूरा मामला और क्या कार्रवाई की गई है।

Key Takeaways

  • झारखंड में करोड़ों की फर्जी निकासी का मामला सामने आया।
  • बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी में अवैध निकासी हुई।
  • राज्य सरकार ने सभी ट्रेजरी में जांच के आदेश दिए।
  • कौशल किशोर पांडेय को गिरफ्तार किया गया है।
  • जांच में और अनियमितताएं सामने आने की संभावना।

रांची, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में दो विभिन्न कोषागारों में करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी का मामला उजागर हुआ है। बोकारो ट्रेजरी से 4.30 करोड़ और हजारीबाग कोषागार से लगभग 15 करोड़ रुपये का अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने सभी 33 ट्रेजरी और उप-ट्रेजरी में गहन जांच के आदेश दिए हैं।

यह आशंका जताई जा रही है कि अवैध निकासी की कुल राशि 50 करोड़ रुपये या उससे भी अधिक हो सकती है। सबसे पहले बोकारो ट्रेजरी से एक रिटायर पुलिसकर्मी के नाम पर 4 करोड़ 29 लाख रुपये से अधिक की अवैध निकासी का मामला सामने आया।

जांच में यह खुलासा हुआ कि जुलाई 2016 में सेवा से सेवानिवृत्त हुए उपेंद्र सिंह को कागजात में फिर से सेवा में दिखाकर नवंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच 25 महीनों में 63 बार वेतन निकाला गया। इस मामले में एसपी कार्यालय के अकाउंटेंट कौशल किशोर पांडेय को गिरफ्तार किया गया है।

उन पर आरोप है कि उन्होंने डीडीओ स्तर के बिल प्रबंधन प्रणाली में छेड़छाड़ कर फर्जी वेतन बिल तैयार किए। जांच में यह भी सामने आया है कि पहले उन्होंने अपने बैंक खाते में राशि जमा की और बाद में अपनी पत्नी अनु पांडेय के खाते का इस्तेमाल किया। दोनों खातों में जमा बड़ी राशि को फ्रीज कर दिया गया है।

बोकारो के बाद, हजारीबाग ट्रेजरी में भी 15 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध निकासी का पता चला है। प्रारंभिक जांच के आधार पर कई खातों को फ्रीज किया गया है और विस्तृत जांच जारी है।

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इन मामलों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह ट्रेजरी और प्रशासनिक निगरानी की विफलता का मामला है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों के उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों को ट्रेजरी की जांच के निर्देश दिए गए हैं। बोकारो प्रकरण सामने आने के बाद राज्यभर के पुलिस अधीक्षकों को सतर्क किया गया, जिसके बाद विभिन्न जिलों में ऑडिट शुरू हुआ।

मामले के बाद बोकारो में प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए दो सहायक लेखापालों को हटा दिया है और अप्रैल माह के बिलों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। उपायुक्त ने वित्तीय अनुशासन कड़ाई से लागू करने के निर्देश भी दिए हैं। हजारीबाग में भी उपायुक्त ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है।

इस जिले में कुछ लोगों को हिरासत में लेने की भी सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं।

Point of View

बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे वित्तीय अनियमितताएं शासन के स्तरों पर हो सकती हैं। हमें इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

इस घोटाले में कितने पैसे की निकासी हुई?
बोकारो ट्रेजरी से 4.30 करोड़ और हजारीबाग ट्रेजरी से लगभग 15 करोड़ की फर्जी निकासी हुई है।
कौन गिरफ्तार हुआ है?
एसपी कार्यालय के अकाउंटेंट कौशल किशोर पांडेय को गिरफ्तार किया गया है।
राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
राज्य सरकार ने सभी 33 ट्रेजरी और सब-ट्रेजरी में व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।
किस तरह की जांच चल रही है?
विभिन्न जिलों में ऑडिट और जांच दलों का गठन किया गया है।
क्या और लोग गिरफ्तार होंगे?
जांच के दौरान और भी अनियमितताएं सामने आने की आशंका जताई जा रही है।
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