बड़ा फैसला: बंगाल में 'डबल-इंजन' सरकार बनेगी, जनता ने ममता को 'बाय-बाय' कहा — जेपी नड्डा
सारांश
मुख्य बातें
रैना, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार, 25 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के रैना विधानसभा क्षेत्र में जोरदार रोड शो किया। इस दौरान उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि बंगाल की जनता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 'बाय-बाय' कहने का फैसला कर लिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'डबल-इंजन' सरकार बनना तय है।
नड्डा का ममता पर सीधा हमला
जेपी नड्डा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सीएम ममता बनर्जी के चुनाव आयोग पर दिए बयान को खारिज करते हुए कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग अपना काम पूरी निष्पक्षता से कर रहा है और जब निष्पक्ष चुनाव होंगे तो ममता बनर्जी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
नड्डा ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को चेतावनी देते हुए कहा, "दिल्ली बहुत दूर है, पहले बंगाल में अपनी जड़ों को बचाओ।" उन्होंने दावा किया कि इस बार बंगाल की जनता TMC की जड़ों को उखाड़ फेंकेगी।
पहले चरण की वोटिंग को बताया BJP के पक्ष में जनादेश
पहले चरण में हुई बंपर मतदान को लेकर नड्डा ने कहा कि यह लोगों का एकतरफा फैसला है जो भाजपा के पक्ष में और ममता के विरुद्ध है। उन्होंने TMC शासन पर जबरन वसूली, कमीशनखोरी, लूट-खसोट, कोयला घोटाला और रेत घोटाले के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि इन्हीं मुद्दों से आम जनता बेहद नाराज है।
नड्डा ने दावा किया कि दूसरे चरण में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलेगा और पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी के नेतृत्व में 'डबल-इंजन' सरकार का गठन होगा।
महिला सुरक्षा पर ममता सरकार को घेरा
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट करते हुए कहा कि रैना विधानसभा क्षेत्र में जो जोश और समर्थन देखा वह साफ दर्शाता है कि बंगाल की जनता पीएम मोदी के विकास के विजन के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने विशेष रूप से महिला मतदाताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं में TMC के प्रति गहरा आक्रोश है। उन्होंने याद दिलाया कि TMC ने संसद में महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सीएम ममता बनर्जी ने खुद महिलाओं को सलाह दी थी कि वे शाम 7 बजे के बाद घर से बाहर न निकलें — जो उनके शासन में कानून-व्यवस्था की गहरी विफलता को उजागर करता है।
राजनीतिक संदर्भ और विश्लेषण
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP ने 77 सीटें जीती थीं और TMC ने 213 सीटें हासिल कर सत्ता में वापसी की थी। उसके बाद से बंगाल में राजनीतिक हिंसा, भ्रष्टाचार के आरोप और शारदा चिटफंड, नारदा स्टिंग, कोयला व रेत घोटाले जैसे मामलों ने TMC सरकार को लगातार घेरे में रखा है। CBI और ED की जांच में कई TMC नेता फंस चुके हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, BJP की रणनीति इस बार महिला मतदाताओं, हिंदू समेकन और भ्रष्टाचार विरोधी भावना पर केंद्रित है। दूसरी ओर ममता बनर्जी 'बंगाल की बेटी' की छवि और केंद्र-राज्य टकराव के नैरेटिव पर निर्भर हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दूसरे चरण का मतदान किस दिशा में जाता है।
आने वाले दिनों में बंगाल के शेष चरणों के नतीजे तय करेंगे कि 'डबल-इंजन' सरकार का नड्डा का दावा हकीकत बनता है या ममता बनर्जी एक बार फिर राजनीतिक विश्लेषकों को चौंकाती हैं।