ममता सरकार के खिलाफ बंगाल की जनता का मन बना: जेपी नड्डा का बड़ा दावा
सारांश
Key Takeaways
- जेपी नड्डा ने 25 अप्रैल को रैना में रोड शो कर दावा किया कि बंगाल की जनता ममता बनर्जी सरकार को हटाने के पक्ष में है।
- पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को और मतगणना 4 मई को होगी।
- नड्डा ने चोलाबाजी, कमीशनखोरी और लूट को ममता सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी का मुख्य कारण बताया।
- भाजपा ने डबल इंजन सरकार के जरिए बंगाल में तेज विकास का वादा किया।
- नड्डा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्षी मांग को पूरी तरह खारिज किया।
- 2021 के चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं, इस बार पार्टी उससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद में है।
रैना, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने रैना में जोरदार रोड शो किया और दावा किया कि बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है। 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होना है और इससे पहले सभी प्रमुख दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरे हैं।
पहले चरण में ही जनता का रुझान स्पष्ट
जेपी नड्डा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल के पहले चरण के मतदान में ही जनता का एकतरफा फैसला सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में ही भाजपा के पक्ष में और ममता सरकार के विरोध में जनमत बन चुका है।
नड्डा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चोलाबाजी, कमीशनखोरी और लूट जैसी समस्याओं से आम जनता बुरी तरह परेशान हो चुकी है। इन्हीं मुद्दों के चलते लोग बदलाव चाहते हैं।
ममता सरकार पर सीधा हमला
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपनी जड़ें खुद पश्चिम बंगाल में नहीं बचा पा रही और दिल्ली में भाजपा को हटाने की बात करती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ये बोलती कुछ हैं और करती कुछ हैं।
नड्डा ने यह भी कहा कि पहले चरण की वोटिंग के बाद ममता सरकार को खुद भी अंदाजा हो गया है कि वे सत्ता से बाहर जा रही हैं। उनके अनुसार 4 मई को परिणाम आने के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
डबल इंजन सरकार से विकास का वादा
जेपी नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर डबल इंजन सरकार के जरिए तेज गति से विकास होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा तृणमूल सरकार ने विकास को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है, जिससे जनता में भारी असंतोष है।
उन्होंने अन्य एनडीए शासित राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां विकास हुआ है, उसी मॉडल पर बंगाल में भी काम होगा। बंगाल के लिए विकास जरूरी है इसीलिए भाजपा जरूरी है — यह उनका मुख्य संदेश रहा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त विवाद पर पलटवार
विपक्षी दलों द्वारा भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर जेपी नड्डा ने कहा कि ये लोग चाहे कुछ भी कर लें, कुछ नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि जब भी निष्पक्ष चुनाव होता है, इन लोगों को परेशानी होने लगती है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं, जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी। इस बार भाजपा उस प्रदर्शन को पार करने की कोशिश में है।
यह भी उल्लेखनीय है कि संदेशखाली विवाद, शिक्षक भर्ती घोटाला और कानून-व्यवस्था की स्थिति जैसे मुद्दे इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। 4 मई को मतगणना के बाद स्पष्ट होगा कि बंगाल की जनता ने किसे चुना।