30 जुलाई 2026
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राज्यसभा में जेपी नड्डा का विपक्ष पर हमला: 'मुद्दाविहीन दल सदन बाधित कर रहा', सरकार चर्चा को तैयार

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राज्यसभा में जेपी नड्डा का विपक्ष पर हमला: 'मुद्दाविहीन दल सदन बाधित कर रहा', सरकार चर्चा को तैयार

सारांश

राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष को 'मुद्दाविहीन' करार दिया और कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है। कांग्रेस ने सदन बहिष्कार किया और छात्रों पर लाठीचार्ज मामले में अमित शाह से जवाब माँगा। मानसून सत्र में गतिरोध जारी है।

मुख्य बातें

जेपी नड्डा ने 30 जुलाई को राज्यसभा में विपक्ष को 'पूरी तरह मुद्दाविहीन' बताया।
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
विपक्ष ने स्वयं चर्चा माँगी थी, फिर भी केंद्रीय मंत्री डॉ.
जितेंद्र सिंह द्वारा दोपहर 2 बजे विधेयक पेश किए जाने से पहले रुख बदल लिया।
कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में सदन में जवाब देने की माँग की।
संसद के मानसून सत्र में पक्ष-विपक्ष गतिरोध सत्र की शुरुआत से ही बना हुआ है।

राज्यसभा में नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने 30 जुलाई को विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुके हैं और सत्र की शुरुआत से उनका एकमात्र लक्ष्य सदन की कार्यवाही बाधित करना रहा है। नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच यह टकराव उस समय और गहरा गया जब कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया।

मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार को राज्यसभा में बोलते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष की आदत लगातार 'गोलपोस्ट बदलने' की हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'जब-जब किसी विषय पर चर्चा हुई है, विपक्ष को करारा जवाब मिला है, क्योंकि उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।' नड्डा ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार न केवल इस सत्र में, बल्कि पिछले सभी सत्रों में हर विषय पर चर्चा के लिए सदैव तत्पर रही है।

विधेयक पर चर्चा और विपक्ष का पलटवार

नड्डा ने बताया कि विपक्ष ने स्वयं एक विधेयक पर चर्चा की माँग की थी, जिसके अनुरूप केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुवार दोपहर 2 बजे राज्यसभा में संबंधित विधेयक पेश कर चर्चा शुरू करने वाले थे। इसके बावजूद विपक्ष ने अपना रुख बदल लिया और कार्यवाही में बाधा डालने का प्रयास किया। नड्डा ने इसे 'गैरजिम्मेदाराना व्यवहार' करार देते हुए कहा कि देश को यह संदेश जाना चाहिए कि सरकार संवाद के लिए खुली है।

विपक्ष की माँग: अमित शाह सदन में आएँ

कांग्रेस सांसदों ने गुरुवार को भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति की माँग दोहराई। विपक्ष का कहना है कि शाह को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के पूरे मामले पर सदन के समक्ष जानकारी देनी चाहिए। इस मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने गुरुवार को भी सदन में हंगामा किया और कार्यवाही बाधित रही।

गतिरोध की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र के दौरान संसद में उत्पादक बहस की उम्मीदें लगातार धूमिल होती जा रही हैं। गौरतलब है कि पक्ष-विपक्ष के बीच यह गतिरोध सत्र की शुरुआत से ही बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों की जिद्द के कारण जनहित के कई विधेयक और मुद्दे सदन की बहस से बाहर रह जाते हैं।

आगे की स्थिति

फिलहाल संसद में गतिरोध जारी रहने के संकेत हैं। यदि विपक्ष अपनी माँग पर अड़ा रहा और सरकार ने गृह मंत्री को सदन में बयान देने के लिए तैयार नहीं किया, तो मानसून सत्र के शेष दिनों में भी कार्यवाही बाधित रहने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस असुविधाजनक सवाल को नहीं टालता कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में गृह मंत्री सदन के समक्ष क्यों नहीं आए। विपक्ष का बहिष्कार रणनीतिक भी हो सकता है और अवसरवादी भी — दोनों एक साथ सच हो सकते हैं। असली नुकसान उस जनता का है जिसके लिए संसद बनी है: जब सदन हंगामे में डूबा रहता है, तो ज़रूरी विधेयक और नीतिगत बहसें हाशिये पर चली जाती हैं। दोनों पक्षों को यह याद दिलाना ज़रूरी है कि संसदीय जवाबदेही केवल 'चर्चा के लिए तैयार' कहने से नहीं, बल्कि वास्तव में कठिन सवालों का सामना करने से साबित होती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपी नड्डा ने राज्यसभा में विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
नेता सदन जेपी नड्डा ने 30 जुलाई को राज्यसभा में कहा कि विपक्ष पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुका है और सत्र की शुरुआत से उसका एकमात्र उद्देश्य सदन की कार्यवाही बाधित करना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब-जब चर्चा हुई, विपक्ष को करारा जवाब मिला।
कांग्रेस ने राज्यसभा का बहिष्कार क्यों किया?
कांग्रेस और कई विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के मामले में गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति और जवाब की माँग करते हुए राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
डॉ. जितेंद्र सिंह का राज्यसभा में क्या रोल था?
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुवार दोपहर 2 बजे राज्यसभा में एक विधेयक पेश कर उस पर चर्चा शुरू करने वाले थे, जिसकी माँग विपक्ष ने स्वयं की थी। हालाँकि विपक्ष ने अंतिम समय में रुख बदल लिया और कार्यवाही में बाधा डाली।
संसद के मानसून सत्र में गतिरोध कब से चल रहा है?
पक्ष और विपक्ष के बीच यह गतिरोध मानसून सत्र की शुरुआत से ही बना हुआ है। 30 जुलाई को भी स्थिति नहीं बदली और विपक्षी सांसदों ने सदन में हंगामा जारी रखा।
क्या सरकार विपक्ष की माँगों पर चर्चा के लिए तैयार है?
नेता सदन जेपी नड्डा के अनुसार, सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है और यह रवैया पिछले सभी सत्रों में भी रहा है। हालाँकि गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति को लेकर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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