कानपुर में BSF HCM भर्ती परीक्षा रद्द: सर्वर डाउन और अव्यवस्था से उम्मीदवार भड़के, 18 सितंबर को री-एग्जाम
सारांश
मुख्य बातें
कानपुर में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) हेड कांस्टेबल मिनिस्ट्रियल (HCM) भर्ती परीक्षा के दौरान 2 सितंबर को बड़ा हंगामा हुआ, जब तकनीकी खराबी और परीक्षा केंद्र की अव्यवस्था के चलते परीक्षा बीच में ही रद्द करनी पड़ी। अधिकारियों ने परीक्षा को 18 सितंबर के लिए पुनर्निर्धारित किया है, लेकिन उम्मीदवारों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक और विश्वसनीय सूचना नहीं दी गई।
मुख्य घटनाक्रम
गाजीपुर जिले के निवासी उम्मीदवार आलोक यादव ने बताया कि परीक्षा के दौरान बार-बार सर्वर डाउन हो रहा था। 1 घंटा 40 मिनट की परीक्षा अवधि में कम से कम 5 बार इनविजिलेटरों ने परीक्षार्थियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया। उन्होंने कहा कि इसका वीडियो भी अभ्यर्थियों के पास मौजूद है।
इटावा से आए उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करने का समय सुबह 7:30 बजे निर्धारित था, लेकिन स्टाफ खुद उसी समय पहुँचा, जिससे उम्मीदवारों का वेरिफिकेशन परीक्षा शुरू होने तक चलता रहा। पहली शिफ्ट का पेपर सुबह 9 बजे से था, और तब तक वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई थी।
दिग्विजय सिंह ने यह भी बताया कि कई अभ्यर्थियों को जो कंप्यूटर आवंटित किए गए, वे चालू ही नहीं हो रहे थे। उम्मीदवारों को बार-बार एक सीट से दूसरी सीट पर भेजा जाता रहा। परीक्षा के दौरान लगभग एक घंटे तक कंप्यूटर चले, इसके बाद अधिकांश सिस्टम बंद हो गए।
उम्मीदवारों की पीड़ा और दो साल का इंतजार
आलोक यादव ने बताया कि इस भर्ती परीक्षा का लिखित पेपर पिछले 2 वर्षों से लंबित था। उन्होंने कहा कि दो साल पहले फिजिकल टेस्ट हो चुका था और तब से मोबाइल पर पेपर की तारीख के नोटिस आते रहे, लेकिन परीक्षा बार-बार टलती रही। उन्होंने कहा, 'बहुत ही मुश्किलों से हम लोग बारिश में केंद्र तक पहुँचे, जिसके बाद यह स्थिति रही।'
यादव ने यह भी कहा कि प्रदर्शन शुरू होने के कुछ देर बाद अधिकारी एक नोटिस लेकर आए, लेकिन उम्मीदवारों को यह नहीं बताया जा सका कि वह नोटिस आधिकारिक है या नहीं। उन्होंने कहा, 'इस व्यवस्था को लेकर हम लोग मानसिक रूप से कितने परेशान हैं, यह सिस्टम को नजर नहीं आता।'
उम्मीदवारों की माँगें
देवरिया जिले से आए उम्मीदवार प्रकाश विश्वकर्मा, जिनका पेपर तीसरी शिफ्ट में था, ने माँग की कि परीक्षा दोबारा पारदर्शी तरीके से कराई जाए और आधिकारिक तारीख की घोषणा की जाए। उन्होंने यह भी माँग की कि जिस परीक्षा संस्थान में इस प्रकार की व्यवस्था रही, उसका लाइसेंस रद्द किया जाए।
दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जब तक री-एग्जाम की तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, हम यहाँ से कहीं नहीं जाएंगे।' आलोक यादव ने यह भी सवाल उठाया कि परीक्षा के दौरान परीक्षा एजेंसी की जो कमियाँ और गलतियाँ रहीं, उन पर क्या कार्रवाई होगी।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार परीक्षा 18 सितंबर को पुनः आयोजित की जाएगी, हालाँकि उम्मीदवार इस घोषणा की आधिकारिक पुष्टि की माँग कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी खामियों और अव्यवस्था को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि BSF HCM भर्ती परीक्षा में लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं और दो साल की प्रतीक्षा के बाद इस तरह की स्थिति उनके धैर्य की परीक्षा ले रही है।