कर्नाटक सीईटी ड्रेस कोड विवाद: जनेऊ-हिजाब प्रभावित 4 छात्रों के लिए पुनर्परीक्षा का ऐलान
सारांश
Key Takeaways
उच्च शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकर ने 30 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि कर्नाटक सरकार राज्य की कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) परीक्षा के दौरान ड्रेस कोड दिशानिर्देशों के कारण परेशानी का सामना करने वाले 4 उम्मीदवारों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित करेगी। बेंगलुरु और चिक्कबल्लापुर के दो परीक्षा केंद्रों पर जनेऊ और हिजाब से जुड़े मुद्दों के कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ था।
मुख्य घटनाक्रम
खबरों के अनुसार, सीईटी परीक्षा के दौरान बेंगलुरु के एक परीक्षा केंद्र पर एक उम्मीदवार का कथित तौर पर जनेऊ (धागा) काट दिया गया। इसके अलावा, चिक्कबल्लापुर में हिजाब पहनने वाली एक उम्मीदवार को कथित तौर पर परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इन दोनों घटनाओं ने राज्य में व्यापक विवाद खड़ा कर दिया और प्रभावित उम्मीदवारों ने पुनर्परीक्षा का अनुरोध किया।
सरकार की प्रतिक्रिया
मंत्री सुधाकर ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि जनेऊ और हिजाब हटाने के निर्देश परीक्षा केंद्रों के कर्मचारियों द्वारा सत्ता का दुरुपयोग था। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही इसे गंभीरता से लिया गया और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू की गई है। बेंगलुरु में जिला आयुक्त ने संबंधित परीक्षा केंद्र रद्द करने की सिफारिश की है, जबकि चिक्कबल्लापुर में जिला प्रशासन ने रिपोर्ट प्रस्तुत की है और उचित कार्रवाई का सुझाव दिया है।
पुनर्परीक्षा का निर्णय क्यों
मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रभावित उम्मीदवारों को रियायती अंक देना उचित नहीं होगा, इसलिए पुनर्परीक्षा को बेहतर विकल्प माना गया। उन्होंने कहा,