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अहमदाबाद नीट री-एग्जाम: हिजाब विवाद के बाद तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा

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अहमदाबाद नीट री-एग्जाम: हिजाब विवाद के बाद तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा

सारांश

अहमदाबाद के वस्त्रापुर स्थित नीट री-एग्जाम केंद्र पर हिजाब को लेकर उठा विवाद तब बड़ा रूप ले गया जब बजरंग दल और AIMIM कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली, लेकिन सवाल बना रहा — परीक्षा में धार्मिक प्रतीकों पर एकसमान नियम कब बनेंगे?

मुख्य बातें

21 जून को अहमदाबाद के आर.जे.
टिबरेवाल कॉमर्स कॉलेज में नीट री-एग्जाम के दौरान हिजाब को लेकर विवाद हुआ।
जाँच के दौरान छात्रा को हिजाब हटाने को कहा गया; माँ की आपत्ति के बाद चर्चा हुई और छात्रा को हिजाब पहनकर परीक्षा देने की अनुमति मिली।
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि हिंदू धार्मिक प्रतीक — कलावा, कंठी, कंगन — उतरवाए गए, जबकि हिजाब में छूट दी गई।
बजरंग दल और AIMIM कार्यकर्ताओं के पहुँचने से तनाव बढ़ा; हल्की झड़प की खबरें आईं।
ACP जयेश भ्रम भट्ट के नेतृत्व में पुलिस ने स्थिति नियंत्रित की और व्यवस्था भंग करने वालों को हटाया।
NTA के निर्देशों के तहत गुजरात में सभी केंद्रों पर मल्टी-लेयर सुरक्षा तैनात थी।

अहमदाबाद के वस्त्रापुर इलाके में स्थित आर.जे. टिबरेवाल कॉमर्स कॉलेज में 21 जून को नीट री-एग्जाम के दौरान हिजाब और धार्मिक प्रतीकों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया, जिसके बाद परीक्षा केंद्र के बाहर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और परीक्षा प्रक्रिया निर्बाध जारी रही।

मुख्य घटनाक्रम

विवाद तब शुरू हुआ जब एक महिला छात्रा हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुँची। अधिकारियों के अनुसार, जाँच के दौरान उसे हिजाब हटाने को कहा गया। छात्रा की माँ ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बेटी को हिजाब सहित परीक्षा देने की अनुमति देने की माँग की।

इसके बाद कॉलेज प्रिंसिपल, परीक्षा स्टाफ और पुलिस के बीच चर्चा हुई, जिसके बाद छात्रा को हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी गई।

अभिभावकों की आपत्ति और बाहर जमी भीड़

इस फैसले के बाद वहाँ मौजूद कुछ अभिभावकों ने असमानता का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जाँच के दौरान हिंदू धार्मिक प्रतीकों — जैसे कलावा, कंठी और कंगन — को उतरवाया गया था, ऐसे में कुछ मामलों में छूट देना उचित नहीं।

विवाद की सूचना फैलते ही केंद्र के बाहर भीड़ जमा हो गई। बजरंग दल और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़े कार्यकर्ता भी मौके पर पहुँच गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हल्की झड़प की भी खबरें सामने आईं, हालाँकि पुलिस ने इसे शीघ्र काबू में कर लिया।

पुलिस की प्रतिक्रिया

असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस जयेश भ्रम भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने वाले कुछ लोगों को घटनास्थल से हटाया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा नियमों के तहत धार्मिक वस्तुओं की जाँच एक मानक प्रक्रिया है और आपत्ति जताने वालों को समझाया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी न फैलाएँ।

नीट री-एग्जाम की सुरक्षा व्यवस्था

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों के तहत गुजरात के सभी नीट री-एग्जाम केंद्रों पर पहले से ही कड़े इंतजाम किए गए थे। मल्टी-लेयर फ्रिस्किंग, पहचान जाँच और सख्त ड्रेस कोड नियम लागू थे, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।

यह घटना ऐसे समय में आई है जब नीट परीक्षा प्रक्रिया पहले से ही राष्ट्रीय विवाद के केंद्र में है और री-एग्जाम को लेकर देशभर में संवेदनशीलता बनी हुई है।

आगे की स्थिति

अधिकारियों ने पुष्टि की कि संबंधित छात्रा को परीक्षा देने की अनुमति मिल गई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। गौरतलब है कि धार्मिक प्रतीकों और परीक्षा ड्रेस कोड को लेकर यह विवाद भविष्य में स्पष्ट नीति की माँग को और तेज कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एकसमान राष्ट्रीय दिशानिर्देश नहीं हैं। जब हिंदू प्रतीकों को उतरवाया जाता है और हिजाब में दबाव के बाद छूट दी जाती है, तो यह असंगति स्वाभाविक रूप से सामाजिक तनाव को आमंत्रण देती है। NTA को यह तय करना होगा कि नियम सबके लिए एक हों — या फिर सभी धार्मिक पोशाकों को समान रूप से अनुमति दी जाए। जब तक यह अस्पष्टता बनी रहेगी, हर परीक्षा केंद्र एक संभावित विवाद का अखाड़ा बना रहेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद नीट री-एग्जाम केंद्र पर क्या विवाद हुआ?
21 जून को वस्त्रापुर स्थित आर.जे. टिबरेवाल कॉमर्स कॉलेज में एक महिला छात्रा के हिजाब पहनकर आने पर जाँच के दौरान उसे हिजाब हटाने को कहा गया। छात्रा की माँ की आपत्ति के बाद चर्चा हुई और अंततः छात्रा को हिजाब सहित परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई, जिससे अन्य अभिभावकों में असंतोष फैला।
अभिभावकों ने किस बात पर आपत्ति जताई?
अभिभावकों का कहना था कि जाँच के दौरान हिंदू धार्मिक प्रतीकों — जैसे कलावा, कंठी और कंगन — को उतरवाया गया, जबकि हिजाब के मामले में छूट दी गई। उनका तर्क था कि नियम सभी के लिए एकसमान होने चाहिए।
पुलिस ने स्थिति कैसे नियंत्रित की?
असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस जयेश भ्रम भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और भीड़ को तितर-बितर किया। सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने वाले कुछ लोगों को घटनास्थल से हटाया गया और नागरिकों से सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी न फैलाने की अपील की गई।
नीट री-एग्जाम केंद्रों पर क्या सुरक्षा व्यवस्था थी?
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के निर्देशों के तहत गुजरात के सभी केंद्रों पर मल्टी-लेयर फ्रिस्किंग, पहचान जाँच और सख्त ड्रेस कोड नियम लागू किए गए थे। यह व्यवस्था किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए पहले से तैनात थी।
क्या परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई?
अधिकारियों ने पुष्टि की कि संबंधित छात्रा को परीक्षा देने की अनुमति मिली और परीक्षा प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रही। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी परीक्षार्थी की परीक्षा बाधित नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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