कानपुर: तीन तलाक पीड़िता आफरीन की दास्तान — 16 साल, 2 बच्चे, फिर भी बेघर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कानपुर में आफरीन नाम की एक महिला ने अपने पति पर कथित तौर पर तीन तलाक देने, मारपीट करने और घर से निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को बताया कि 16 वर्षों की शादी और दो बच्चों के बावजूद उन्हें घर से बाहर कर दिया गया। चमनगंज पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने के बाद महिला ने पति की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है।
घटनाक्रम की शुरुआत
आफरीन के अनुसार, 7 जुलाई को उन्होंने अपने पति को उसी इलाके में रहने वाली एक अन्य महिला के साथ कथित रूप से रंगे हाथों पकड़ा। उन्होंने बताया कि यह पहली बार नहीं था और वह कई बार पति को समझाने की कोशिश कर चुकी थीं, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। उस दिन की मुठभेड़ के बाद सभी रिश्तेदारों को बुलाया गया, मगर पति ने साफ कह दिया कि वह दूसरी महिला से निकाह करेगा।
महिला का आरोप है कि पति न केवल उनके साथ मारपीट करते थे, बल्कि घर का खर्च भी नहीं उठाते थे। उन्होंने कहा, 'मैंने यह सोचकर सब सह लिया कि इसका असर मेरे परिवार और बच्चों पर नहीं पड़ना चाहिए।'
तीन तलाक की रात
आफरीन के अनुसार, 12 अगस्त की रात करीब रात 9:30 बजे उनके पति ने उनके दो बेटों के सामने तीन तलाक का उच्चारण किया और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। यह घटना तब हुई जब मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम के तहत तीन तलाक पहले से ही एक दंडनीय अपराध है।
गौरतलब है कि भारत में 2019 में तीन तलाक को आपराधिक कृत्य घोषित किया जा चुका है, फिर भी इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं, जो कानून के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हैं।
पुलिस कार्रवाई और प्रशासन का रुख
महिला की शिकायत पर चमनगंज पुलिस स्टेशन में दहेज उत्पीड़न, मारपीट, नाजायज संबंध और मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। हालाँकि, महिला का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती शिकायतें लंबे समय तक दर्ज नहीं कीं और एफआईआर अक्टूबर में जाकर दर्ज हुई।
कानपुर के डीसीपी (सेंट्रल) अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि शुरू में सुलह-समझौते की कोशिश की जा रही थी, लेकिन जैसे ही तीन तलाक का मामला सामने आया, तुरंत एफआईआर दर्ज की गई। मामले की जाँच जारी है।
पीड़िता की माँग
आफरीन ने प्रशासन से माँग की है कि उनके पति को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। दो बच्चों की माँ का कहना है कि उन्हें और उनके बच्चों को अब भी पति की ओर से परेशान किए जाने का डर है।
यह मामला तीन तलाक कानून लागू होने के बाद भी इस कुप्रथा की जारी मौजूदगी को उजागर करता है। जाँच के नतीजे और पुलिस की आगामी कार्रवाई तय करेगी कि पीड़िता को कितनी जल्दी न्याय मिलता है।