हरिद्वार: पति द्वारा तीन तलाक देने के बाद महिला ने पुलिस से न्याय की मांग की

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हरिद्वार: पति द्वारा तीन तलाक देने के बाद महिला ने पुलिस से न्याय की मांग की

सारांश

हरिद्वार में एक महिला के खिलाफ तीन तलाक का मामला सामने आया है। पति द्वारा प्रताड़ना के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है और समान नागरिक संहिता के तहत कार्रवाई की मांग की है। जानिए पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • हरिद्वार में तीन तलाक का मामला सामने आया है।
  • पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।
  • परिवार ने समान नागरिक संहिता के तहत कार्रवाई की मांग की है।
  • पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
  • यह मामला महिलाओं के अधिकारों पर एक गंभीर चर्चा का विषय है।

हरिद्वार, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हरिद्वार के थाना बुग्गावाला क्षेत्र के बंदरजूड में एक महिला के साथ प्रताड़ना और तीन तलाक का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, लगभग ढाई साल पहले शाहीन की शादी मुस्लिम रीति-रिवाज से मोहम्मद दानिश के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही महिला को ससुराल वाले और पति द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। स्थिति तब और बिगड़ गई जब पति ने कथित तौर पर तीन बार तलाक कहकर महिला को घर से अलग कर दिया।

पीड़िता के परिवार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए समान नागरिक संहिता जैसे कानूनों के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा महिलाओं के हित में बनाए गए कानूनों की सराहना की है।

पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है और संबंधित धाराओं में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

पीड़िता के भाई सलमान ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मेरे बहन की शादी के बाद कई बार कहासुनी हुई थी। गांव के कई लोग वहां गए और समझाया, लेकिन लड़के की बहन और मां ने मेरी बहन को काफी परेशान किया। बहुत सी बातें बहन ने हमें बताई नहीं, लेकिन अब लड़के ने उसे तलाक दिया है।

सलमान ने कहा कि सरकार यूसीसी कानून लेकर आई है, जो महिलाओं के लिए अच्छा है। हम इस कानून के तहत कार्रवाई की मांग करते हैं ताकि किसी बहन के साथ ऐसा न हो। धर्म और कुरान में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन कुछ लोग इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। हम सरकार द्वारा बनाए गए कानून के तहत कार्रवाई चाहते हैं।

पीड़िता शाहीन ने बताया कि शादी के बाद से हमारे साथ गलत व्यवहार किया जा रहा था। मैंने काफी समय तक सहा और घर पर नहीं बताया, लेकिन जब स्थिति बर्दाश्त के बाहर हो गई, तब मैंने अपने घर पर बताया। उन्होंने सास पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे लोग मुझे जान से मारने के लिए उकसाते थे।

Point of View

बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहन चिंतन का विषय है।
NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

तीन तलाक क्या है?
तीन तलाक एक इस्लामी प्रथा है, जिसमें पति अपनी पत्नी को तीन बार तलाक कहकर अलग कर सकता है।
यूसीसी का क्या महत्व है?
यूसीसी या समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना है, जिससे धार्मिक भेदभाव समाप्त हो सके।
महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
सरकार ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कई कानून बनाए हैं, जिनमें घरेलू हिंसा अधिनियम भी शामिल है।
क्या यह मामला न्यायालय में जाएगा?
यदि पुलिस जांच में कोई ठोस सबूत पाती है, तो यह मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकता है।
शादी के बाद महिला के अधिकार क्या हैं?
शादी के बाद महिलाओं के पास अपने अधिकारों की सुरक्षा का अधिकार है, जिसमें घरेलू हिंसा, भेदभाव और तलाक के मामलों का समावेश होता है।
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