क्या कपिल मिश्रा का आम आदमी पार्टी पर हमला सही है?
सारांश
Key Takeaways
- कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला किया।
- आम आदमी पार्टी को 'चार लोगों का गैंग' कहा गया।
- भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना की गई।
- राजनीतिक विचारधारा और अनुशासन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- आम आदमी पार्टी की राजनीतिक अक्षमता पर सवाल उठाए गए।
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “चार लोगों का गैंग” बताया।
कपिल मिश्रा ने कहा कि आम आदमी पार्टी को एक राजनीतिक दल मानने वाले लोग अब बहुत कम रह गए हैं और उससे संगठन, कार्यकर्ता, पद और दायित्व जैसी बुनियादी राजनीतिक समझ की अपेक्षा करना अपने आप में मूर्खता है।
उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी से यह उम्मीद भी नहीं की जा सकती कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों की गरिमा और महत्व को समझ सके। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों की राजनीतिक मजबूरी एक भ्रष्ट व्यक्ति की चाकरी करना और अरविंद केजरीवाल की गुलामी करना है, उनसे किसी और तरह की राजनीतिक समझ की उम्मीद करना ही गलत है।
भाजपा की तुलना करते हुए मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है। इसका मुख्य कारण इसकी सशक्त और स्पष्ट विचारधारा है। उन्होंने कहा कि भाजपा में संगठन सर्वोपरि है और यही कारण है कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यह कहते हैं कि संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष उनके भी बॉस होते हैं।
कपिल मिश्रा ने आगे कहा कि इसी विचारधारा के कारण भाजपा के लाखों-करोड़ों कार्यकर्ता दिन-रात पूरी निष्ठा, समर्पण और अनुशासन के साथ संगठन के लिए काम करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी जैसे “चार लोगों के गैंग” में संगठन, पद, दायित्व और कार्यकर्ता की भावना को समझना उनके बस की बात नहीं है।
मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी की ओर से हाल में दिया गया बयान उनकी राजनीतिक अक्षमता और विफलता की ओर साफ इशारा करता है। उनके मुताबिक, भाजपा जैसे विशाल, अनुशासित और विचारधारात्मक संगठन को समझने की क्षमता आम आदमी पार्टी में फिलहाल नहीं है।