कर्नाटक में ‘ग्रहण’ हटाने का वादा: एच. डी. कुमारस्वामी की जनता से अपील
सारांश
Key Takeaways
- कुमारस्वामी ने कर्नाटक की जनता से जेडीएस को एक मौका देने की अपील की।
- उन्होंने कांग्रेस द्वारा लगाए गए ‘ग्रहण’ को हटाने का वादा किया।
- बेंगलुरु के विकास के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
- शहर में कचरा प्रबंधन एक गंभीर समस्या है।
- कुमारस्वामी ने शिक्षा प्रणाली और भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाए।
बेंगलुरु, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक की जनता से जेडीएस को पांच वर्षों के लिए एक अवसर देने की मांग की है, साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि वह राज्य पर लगे “ग्रहण” को पूरी तरह समाप्त कर देंगे।
बेंगलुरु में आयोजित ग्रेटर बेंगलुरु जेडीएस सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा, “बस मुझे एक मौका दीजिए। मैं कांग्रेस द्वारा लगाए गए ग्रहण को हटाकर राज्य को स्वतंत्र कर दूंगा और जो भी गड़बड़ियां हुई हैं, उन्हें साफ करूंगा।”
उन्होंने भावुकता के साथ कहा कि वह दो बार मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन्हें कभी भी पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं मिली, जिसके कारण उन्हें गठबंधन के माध्यम से शासन करना पड़ा।
एच. डी. कुमारस्वामी ने वर्तमान राज्य की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बेंगलुरु शहर पूरी तरह बर्बाद हो चुका है।
उन्होंने कहा कि केम्पेगौड़ा द्वारा स्थापित इस महान शहर को इस हालत में पहुंचाने वालों को सबक सिखाना होगा और इसे उसकी खोई हुई पहचान वापस दिलानी होगी।
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि बेंगलुरु के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कहा, “फ्लाईओवर का विकास देवगौड़ा के शासन में शुरू हुआ। उन्होंने आईटी-बीटी क्षेत्र की नींव रखी, जिससे शहर को वैश्विक पहचान मिली। मेरे कार्यकाल में भी बेंगलुरु ने काफी प्रगति की। मैंने मेट्रो परियोजना शुरू की, जो आज शहर का सबसे सुविधाजनक परिवहन साधन है।”
कुमारस्वामी ने कहा कि जेडीएस केवल किसानों की पार्टी नहीं है, बल्कि हमेशा उनके साथ खड़ी रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर लगातार लूट हो रही है और बेंगलुरु में हर जगह कचरा दिखाई देता है।
उन्होंने सवाल किया, “वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू करने में दिक्कत क्या है? मेरे मुख्यमंत्री रहते राजधानी में कचरे की समस्या नहीं थी और बेंगलुरु देश के सबसे सुंदर शहरों में से एक था।”
उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए दूरदर्शिता और पारदर्शी शासन आवश्यक है।
कुमारस्वामी ने दावा किया कि टनल रोड का विचार उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में ही किया था और आउटर पेरिफेरल रोड पर भी उनके समय में निर्णय लिया गया था।
उन्होंने कहा कि बेंगलुरु के लोग भीषण गर्मी और कई इलाकों में पानी की कमी से जूझ रहे हैं, जबकि शहर तेजी से फैल रहा है और सरकार पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रही है।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अवैध निर्माण करने वाले अमीरों को समर्थन दे रही है, जबकि झुग्गियों में रहने वाले गरीबों को बेदखल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही और सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।
शिक्षा प्रणाली पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू न करके सिस्टम को बर्बाद कर दिया गया है, सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं और 70 हजार शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई है।