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हसन DC के.एस. लता कुमारी बनाम विधायक एच.डी. रेवन्ना: रहस्यमय पोस्ट से भड़की जुबानी जंग

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हसन DC के.एस. लता कुमारी बनाम विधायक एच.डी. रेवन्ना: रहस्यमय पोस्ट से भड़की जुबानी जंग

सारांश

हसन में फिर एक बार राजनीति और प्रशासन आमने-सामने हैं। जेडी(एस) विधायक एच.डी. रेवन्ना की खुली आलोचना के बाद उपायुक्त के.एस. लता कुमारी की रहस्यमय सोशल मीडिया पोस्ट ने बहस छेड़ दी है — और यह टकराव 2017-19 के रोहिणी सिंदूरी प्रकरण की याद दिलाता है।

मुख्य बातें

लता कुमारी ने जेडी(एस) विधायक एच.डी.
रेवन्ना की आलोचनाओं के बाद सोशल मीडिया पर रहस्यमय पोस्ट साझा की।
रेवन्ना ने कहा, "30 साल के विधायकी अनुभव में ऐसी उपायुक्त नहीं देखी" — उनकी नियुक्ति और कामकाज पर सवाल उठाए।
विवाद ग्राम पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया को लेकर चल रहे तनाव के बीच उभरा है।
रेवन्ना पूर्व PM एच.डी.
देवेगौड़ा के पुत्र और केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी के भाई हैं।
2017-2019 में भी रेवन्ना और तत्कालीन DC रोहिणी सिंदूरी के बीच इसी तरह का हाई-प्रोफाइल टकराव हो चुका है।

हसन जिले की उपायुक्त के.एस. लता कुमारी और जनता दल (सेकुलर) विधायक एच.डी. रेवन्ना के बीच तनातनी उस समय सार्वजनिक हो गई, जब रेवन्ना ने 24 अगस्त 2026 को हसन में मीडिया के सामने अधिकारी की तैनाती और कामकाज पर खुलकर सवाल उठाए। इसके कुछ दिनों बाद उपायुक्त ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमय संदेश साझा किया, जिसे राजनीतिक हलकों में रेवन्ना की टिप्पणियों का परोक्ष जवाब माना जा रहा है।

मामले की पृष्ठभूमि

एच.डी. रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पुत्र और केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के भाई हैं। हसन देवेगौड़ा परिवार का पैतृक जिला है और इस परिवार का यहाँ दशकों पुराना राजनीतिक प्रभाव है। आगामी ग्राम पंचायत चुनावों में आरक्षण प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच यह टकराव और भी संवेदनशील हो गया है।

रेवन्ना की टिप्पणियाँ

शुक्रवार को जेडी(एस) के अन्य नेताओं की उपस्थिति में रेवन्ना ने उपायुक्त की नियुक्ति और कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "मैंने 30 साल तक विधायक के रूप में काम किया है और मैंने कभी ऐसी उपायुक्त नहीं देखी। मुझे नहीं पता कि वे उसे कहाँ से लाए हैं और यहाँ तैनात कर दिया है।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उपायुक्त हसन के सभी विधानसभा क्षेत्रों में समान रूप से और ईमानदारी से काम कर रही हैं।

उपायुक्त का परोक्ष जवाब

रेवन्ना की टिप्पणियों के कुछ दिनों बाद के.एस. लता कुमारी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा किया: "अगर वे आपको नियंत्रित नहीं कर पाएंगे, तो वे आपसे नफरत करने लगेंगे।" हालाँकि उन्होंने अपनी पोस्ट में रेवन्ना का नाम नहीं लिया और न ही उनकी टिप्पणियों का सीधा संदर्भ दिया, फिर भी इस पोस्ट को हाल की आलोचनाओं के परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।

2017-2019 का पुराना टकराव

यह पहली बार नहीं है जब रेवन्ना और किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के बीच हसन में टकराव हुआ हो। 2017 से 2019 के बीच तत्कालीन उपायुक्त रोहिणी सिंदूरी के कार्यकाल में यह टकराव चरम पर पहुँचा था। सिंदूरी ने जिले में अवैध रेत भंडारण और खनन नेटवर्क के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की थी, जिसका कथित तौर पर स्थानीय राजनीतिक पदाधिकारियों ने विरोध किया। जनता दल (सेकुलर) से जुड़े पंचायत नेताओं को नोटिस जारी होने पर तनाव और बढ़ा।

उस समय जिला प्रभारी मंत्री रहे एच.डी. रेवन्ना ने कई बार सिंदूरी के तबादले के लिए दबाव बनाया। सिंदूरी ने न्यायालयों और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के माध्यम से कानूनी लड़ाई लड़कर अपने प्रशासनिक अधिकार बरकरार रखे। रेवन्ना ने तब सिंदूरी की कार्यशैली और एसएसएलसी परीक्षा परिणाम जैसे विकास मापदंडों पर श्रेय के दावों की भी आलोचना की थी और इन उपलब्धियों का श्रेय अपनी पत्नी भवानी रेवन्ना को दिया था।

राजनीतिक निहितार्थ

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब ग्राम पंचायत चुनावों की आरक्षण प्रक्रिया पर पहले से ही विवाद चल रहा है। आलोचकों का कहना है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा जिला प्रशासन पर इस तरह का खुला दबाव प्रशासनिक स्वायत्तता के लिए चुनौती है। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि राजनीतिक प्रभाव और प्रशासनिक स्वतंत्रता के बीच का तनाव हसन में नया नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दबाव की राजनीति बदस्तूर जारी रहती है। असली सवाल यह है कि ग्राम पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया जैसे संवेदनशील प्रशासनिक काम में राजनीतिक हस्तक्षेप की यह परंपरा कब टूटेगी। उपायुक्त की परोक्ष पोस्ट साहसी है, लेकिन संस्थागत जवाबदेही के लिए सोशल मीडिया पर्याप्त मंच नहीं है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हसन DC और विधायक रेवन्ना के बीच विवाद क्यों हुआ?
जेडी(एस) विधायक एच.डी. रेवन्ना ने हसन में मीडिया के सामने उपायुक्त के.एस. लता कुमारी की तैनाती और कामकाज पर सवाल उठाए। इसके बाद उपायुक्त ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा किया जिसे उनकी आलोचनाओं का परोक्ष जवाब माना जा रहा है।
के.एस. लता कुमारी ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
उपायुक्त ने पोस्ट किया: 'अगर वे आपको नियंत्रित नहीं कर पाएंगे, तो वे आपसे नफरत करने लगेंगे।' उन्होंने रेवन्ना का नाम नहीं लिया, लेकिन यह पोस्ट उनकी टिप्पणियों के कुछ दिनों बाद आई।
एच.डी. रेवन्ना कौन हैं और हसन से उनका क्या संबंध है?
एच.डी. रेवन्ना जेडी(एस) विधायक, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पुत्र और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के भाई हैं। हसन देवेगौड़ा परिवार का पैतृक जिला है और इस परिवार का यहाँ दशकों पुराना राजनीतिक प्रभाव है।
रेवन्ना और हसन DC के बीच पहले भी टकराव हो चुका है?
हाँ, 2017 से 2019 के बीच तत्कालीन उपायुक्त रोहिणी सिंदूरी के कार्यकाल में रेवन्ना के साथ हाई-प्रोफाइल टकराव हुआ था। सिंदूरी ने अवैध रेत खनन पर कार्रवाई की थी और रेवन्ना ने उनके तबादले के लिए दबाव बनाया था, जिसे सिंदूरी ने कानूनी लड़ाई से रोका।
इस विवाद का ग्राम पंचायत चुनाव से क्या संबंध है?
आगामी ग्राम पंचायत चुनावों में आरक्षण प्रक्रिया को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। रेवन्ना ने इसी संदर्भ में उपायुक्त के कामकाज पर सवाल उठाए, जिससे यह टकराव और अधिक राजनीतिक रूप ले चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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