HYDRAA के साथ डटकर खड़ी है तेलंगाना सरकार: CM रेवंत रेड्डी, हाई कोर्ट के आदेश की समीक्षा का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार, 28 जुलाई को नई दिल्ली में पत्रकारों से स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) के साथ पूरी तरह खड़ी है। यह बयान तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा HYDRAA कमिश्नर ए.वी. रंगनाथ को तुरंत हटाने के निर्देश के एक दिन बाद आया।
मुख्यमंत्री का रुख
रेवंत रेड्डी ने कहा कि उन्होंने अभी तक कोर्ट के आदेश को विस्तार से नहीं देखा है और सरकार उसकी समीक्षा करेगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकार न्यायपालिका का पूरा सम्मान करती है। मुख्यमंत्री ने HYDRAA को अपनी सरकार का 'सबसे बड़ा सुधार' बताया और कहा कि एजेंसी को और मजबूत किया जाएगा।
रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि कुछ तत्व एजेंसी के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं। उनके अनुसार, जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों ने HYDRAA के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज कराए हैं और न्यायालय को गुमराह करने के लिए नकली दस्तावेज पेश किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि HYDRAA जलाशयों और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अपना अभियान जारी रखेगी।
हाई कोर्ट का निर्देश और अवमानना मामले
तेलंगाना हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने बार-बार न्यायालय के आदेशों की अनदेखी के कारण सोमवार को HYDRAA कमिश्नर रंगनाथ को तुरंत हटाने का आदेश दिया था। न्यायालय ने मुख्य सचिव संजय जाजू को निर्देश दिया कि वे HYDRAA प्रमुख के पद के लिए किसी उपयुक्त अधिकारी की पहचान करें।
यह आदेश लोथकुंटा में 40 एकड़ भूमि से जुड़े एक निजी निर्माण कंपनी के अवमानना मामले में दिया गया। बेंच ने दर्ज किया कि रंगनाथ के डेढ़ साल के कार्यकाल में उनके खिलाफ कथित तौर पर 63 अवमानना मामले लंबित थे। कोर्ट ने रंगनाथ को सोमवार तक लिखित हलफनामे के जरिए माफी मांगने का भी निर्देश दिया था।
संबंधित कंपनी ने आरोप लगाया था कि HYDRAA के अधिकारियों ने न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद उसकी संपत्ति में प्रवेश कर घेराबंदी की।
HYDRAA का कार्यकाल और दावे
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी रंगनाथ एजेंसी के गठन से ही, यानी लगभग दो साल से, HYDRAA के प्रमुख हैं। एजेंसी का दावा है कि इस अवधि में उसने ₹1.5 लाख करोड़ मूल्य की 3,315 एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है और कई जलाशयों को पुनर्स्थापित किया है।
HYDRAA के अनुसार, उसने झीलों, नालों, पार्कों, सरकारी भूमि और ब्लू-ग्रीन संसाधनों को वापस हासिल कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की है। कोर्ट के आदेश के बाद रंगनाथ ने भी न्यायालय को एजेंसी के कार्यों का ब्यौरा दिया और कहा कि जमीन हड़पने वालों ने उनके खिलाफ अवमानना याचिकाएं दाखिल की थीं।
आगे क्या होगा
मुख्य सचिव द्वारा नए HYDRAA प्रमुख की पहचान की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जबकि राज्य सरकार हाई कोर्ट के आदेश की कानूनी समीक्षा करेगी। यह मामला हैदराबाद में भूमि अतिक्रमण विरोधी अभियान और न्यायिक निगरानी के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है, और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक व कानूनी गतिविधियाँ तेज होने के संकेत हैं।