23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हिटलर से प्रेरणा वाले बयान पर रेवंत रेड्डी विवादों में, BRS-BJP ने कांग्रेस को घेरा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हिटलर से प्रेरणा वाले बयान पर रेवंत रेड्डी विवादों में, BRS-BJP ने कांग्रेस को घेरा

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का हाइड्रा नाम के लिए हिटलर से प्रेरणा लेने का बयान बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। BRS के KTR और BJP के किशन रेड्डी ने माफी की माँग की है। हाइड्रा पहले से ही विपक्ष के निशाने पर थी — अब यह बयान विपक्ष को नया हथियार दे गया है।

मुख्य बातें

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बेंगलुरु में स्वीकार किया कि हाइड्रा का नाम रखने में उन्होंने हिटलर से प्रेरणा ली।
हाइड्रा की स्थापना 2024 में हुई थी; एजेंसी 2,182 एकड़ ज़मीन ( ₹80,000 करोड़ अनुमानित मूल्य) मुक्त कराने का दावा करती है।
BRS के कार्यकारी अध्यक्ष KTR ने एक्स पर हाइड्रा को 'असैसिनेशन एजेंसी' करार दिया।
किशन रेड्डी ने रेवंत रेड्डी से तेलंगाना की जनता से बिना शर्त माफी माँगने की माँग की।
BJP तेलंगाना अध्यक्ष एन.
रामचंदर राव ने मुख्यमंत्री को खुली बहस की चुनौती दी।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी एक विवादास्पद बयान के चलते तीखी आलोचना के केंद्र में आ गए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (हाइड्रा) का नाम रखते समय उन्होंने नाजी तानाशाह एडोल्फ हिटलर से प्रेरणा ली थी। इस बयान के सामने आते ही भारत राष्ट्र समिति (BRS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर हमला तेज़ कर दिया है।

मुख्यमंत्री का विवादित बयान

बेंगलुरु में 'द हिंदू' समूह के निदेशक एन. राम के साथ एक बातचीत के दौरान रेवंत रेड्डी ने कहा, 'हाइड्रा हिटलर का पसंदीदा शब्द था। उसकी एक कोर टीम हाइड्रा कहलाती थी, जो किसी की भी हत्या कर सकती थी। इसलिए मैंने हिटलर से प्रेरणा लेकर इसका नाम हाइड्रा रखा।' यह बयान तेज़ी से सुर्खियों में आ गया और राजनीतिक विवाद की वजह बन गया।

हाइड्रा क्या है और इसकी स्थापना क्यों हुई

तेलंगाना सरकार ने वर्ष 2024 में हाइड्रा की स्थापना सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और हैदराबाद क्षेत्र में सरकारी ज़मीनों पर अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से की थी। एजेंसी अब तक झीलों, नालों, पार्कों और सरकारी ज़मीनों से अतिक्रमण हटाकर करीब 2,182 एकड़ भूमि मुक्त कराने का दावा कर चुकी है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹80,000 करोड़ बताई गई है। हालाँकि, विपक्षी दल लंबे समय से हाइड्रा की कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे हैं और आरोप लगाते हैं कि एजेंसी गरीबों के मकानों को निशाना बना रही है।

BRS की तीखी प्रतिक्रिया

BRS के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (KTR) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि तेलंगाना की जनता पहले से जानती थी कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा हिटलर है और हाइड्रा उनकी 'असैसिनेशन एजेंसी' है। उन्होंने यह भी कहा कि BRS ने हमेशा डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान, महात्मा गांधी के विचारों और प्रोफेसर जयशंकर के सपनों को शासन का आधार बनाया। गौरतलब है कि BRS प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि उनकी पार्टी सत्ता में लौटने पर सबसे पहले हाइड्रा को समाप्त करेगी।

BJP का हमला और माफी की माँग

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस की 'हिटलर और आपातकाल वाली मानसिकता' एक बार फिर उजागर हो गई है। उन्होंने माँग की कि रेवंत रेड्डी इस बयान पर तेलंगाना की जनता से बिना शर्त माफी माँगें। BJP की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने महबूबनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि जो लोग हिटलर का अनुसरण करते हैं, उनका अंत भी वैसा ही होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों पर खुली बहस की चुनौती भी दी और कहा कि मुख्यमंत्री की भाषा उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में आया है जब हाइड्रा की कार्रवाइयाँ पहले से ही राजनीतिक बहस का केंद्र बनी हुई हैं। आलोचकों का कहना है कि मुख्यमंत्री के इस बयान ने विपक्ष को एक नया राजनीतिक हथियार दे दिया है। रेवंत रेड्डी की ओर से अब तक कोई स्पष्टीकरण या खेद व्यक्त नहीं किया गया है, और यह मामला तेलंगाना की राजनीति में नया तनाव पैदा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बयान ने उन उपलब्धियों को पृष्ठभूमि में धकेल दिया और विपक्ष को एक तैयार आख्यान सौंप दिया। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पहले से ही हाइड्रा की कार्यशैली को लेकर सवालों के घेरे में है। बिना किसी त्वरित सार्वजनिक स्पष्टीकरण के, नुकसान नियंत्रण की खिड़की तेज़ी से बंद हो रही है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेवंत रेड्डी का हिटलर वाला बयान क्या था?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बेंगलुरु में एक बातचीत के दौरान कहा कि हाइड्रा नाम रखने की प्रेरणा उन्होंने हिटलर से ली थी, क्योंकि हिटलर की एक कोर टीम 'हाइड्रा' कहलाती थी। यह बयान तत्काल राजनीतिक विवाद का कारण बन गया।
हाइड्रा एजेंसी क्या है और इसे क्यों बनाया गया?
हाइड्रा यानी हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी की स्थापना 2024 में तेलंगाना सरकार ने सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और हैदराबाद में अतिक्रमण हटाने के लिए की थी। एजेंसी 2,182 एकड़ ज़मीन मुक्त कराने का दावा करती है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹80,000 करोड़ है।
BRS और BJP ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BRS के कार्यकारी अध्यक्ष KTR ने एक्स पर हाइड्रा को 'असैसिनेशन एजेंसी' बताया और कहा कि जनता पहले से जानती थी। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने माफी की माँग की, जबकि BJP तेलंगाना अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने मुख्यमंत्री को खुली बहस की चुनौती दी।
हाइड्रा को लेकर विपक्ष की मुख्य आपत्तियाँ क्या हैं?
विपक्षी दलों का आरोप है कि हाइड्रा अमीरों की संपत्ति बचाते हुए गरीबों के मकानों को निशाना बनाती है। BRS ने यह भी घोषणा की है कि सत्ता में लौटने पर वह हाइड्रा को सबसे पहले समाप्त करेगी।
क्या रेवंत रेड्डी ने इस बयान पर माफी माँगी?
रिपोर्टों के अनुसार, बयान सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की ओर से कोई सार्वजनिक माफी या स्पष्टीकरण नहीं आया है। BJP और BRS दोनों ने उनसे बिना शर्त माफी माँगने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले