8 अगस्त 2026
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क्या कर्नाटक विपक्ष नेता ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर बांग्लादेशी घुसपैठ की चिंता जताई?

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क्या कर्नाटक विपक्ष नेता ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर बांग्लादेशी घुसपैठ की चिंता जताई?

सारांश

कर्नाटक के विपक्ष नेता चलवाड़ी टी. नारायणस्वामी ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर बांग्लादेशी घुसपैठ की चिंता जताई है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। क्या इस मुद्दे पर रेल मंत्रालय कोई कदम उठाएगा?

मुख्य बातें

बांग्लादेशी घुसपैठ की चिंता का मुद्दा गंभीर है।
रेल मंत्री को पत्र लिखा गया है।
सुरक्षा जांच को और सख्त करने की आवश्यकता है।
विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ध्यान देना जरूरी है।
अवैध प्रवासियों की पहचान और कार्रवाई आवश्यक है।

बेंगलुरु, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी टी. नारायणस्वामी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल से बेंगलुरु जाने वाली ट्रेनों के माध्यम से बांग्लादेशी घुसपैठ के प्रति गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस रेल मार्ग को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

यह पत्र 14 जनवरी को लिखा गया था। नारायणस्वामी ने बताया कि हावड़ा और सियालदह से यशवंतपुर और सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल तक 15 से 17 साप्ताहिक और दैनिक ट्रेनें चल रही हैं। ये ट्रेनें अर्थव्यवस्था और यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनका दुरुपयोग अवैध प्रवासियों द्वारा किया जा रहा है। विशेष रूप से बांग्लादेश से आने वाले लोग इन ट्रेनों का उपयोग दक्षिण भारत में घुसने के लिए कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कई यात्रियों के पास जाली आधार कार्ड और वोटर आईडी हैं, जिनका उपयोग सुरक्षा जांच से बचने के लिए किया जाता है। अदालतों ने भी स्पष्ट किया है कि ये दस्तावेज नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं। बेंगलुरु की श्रम कॉलोनियों में ऐसे लोग पश्चिम बंगाल या उत्तर-पूर्व से आए प्रवासियों के रूप में छिपकर रह रहे हैं। हाल ही में पुलिस जांच में कई लोगों के जाली दस्तावेज पकड़े गए हैं।

नारायणस्वामी ने बताया कि यात्रियों की भारी संख्या के कारण रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और ग्रामीण पुलिस (जीआरपी) के लिए ट्रेनों में पूरी जांच करना कठिन हो जाता है। इससे दक्षिण भारत में अनधिकृत घुसपैठ के लिए एक तरह का खुला रास्ता बन गया है।

उन्होंने रेल मंत्री से कई आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। इसमें प्रमुख स्टेशनों जैसे हावड़ा, मालदा टाउन, खड़गपुर और बेंगलुरु टर्मिनलों पर बायोमेट्रिक जांच वाली विशेष जांच अभियान चलाने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा इस रूट पर ट्रेनों की संख्या की समीक्षा करने, संदिग्ध ट्रेनों में अंडरकवर आरपीएफ और खुफिया ब्यूरो के कर्मियों को तैनात करने और रेलवे आरक्षण प्रणाली को विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) और अन्य राष्ट्रीय डेटाबेस से जोड़ने की भी बात कही गई है।

विपक्ष के नेता ने जोर दिया कि भारतीय रेलवे की सतर्कता से देश की सीमाओं की सुरक्षा और शहरों की शांति बनी रहती है। उन्होंने इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा का उच्च प्राथमिकता वाला मामला बताते हुए निर्णायक कार्रवाई की मांग की है।

यह पत्र उस समय लिखा गया है जब कर्नाटक में बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। हाल के महीनों में राज्य में कई जगहों पर अवैध प्रवासियों की पहचान हुई है। विपक्षी दल सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। रेल मंत्रालय से इस पत्र पर जल्द प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कर्नाटक में बांग्लादेशी घुसपैठ एक गंभीर मुद्दा है?
हाँ, कर्नाटक में बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर चिंता बढ़ रही है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
रेल मंत्री ने इस पत्र पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक रेल मंत्रालय से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
आवश्यक कदमों में बायोमेट्रिक जांच और सुरक्षा बलों की तैनाती शामिल हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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