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देवदार के घने जंगलों में बसा बिनसर महादेव मंदिर: जहां बिना बुलावे के नहीं पहुँच सकता कोई

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देवदार के घने जंगलों में बसा बिनसर महादेव मंदिर: जहां बिना बुलावे के नहीं पहुँच सकता कोई

सारांश

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित बिनसर महादेव मंदिर, एक अद्भुत पवित्र स्थल है, जहाँ पहुँचने के लिए विशेष बुलावे की आवश्यकता होती है। जानिए इस रहस्यमय मंदिर की विशेषताएँ और मान्यताएँ।

मुख्य बातें

बिनसर महादेव मंदिर उत्तराखंड में स्थित है।
यहाँ पहुँचने के लिए भगवान शिव का बुलावा आवश्यक है।
मंदिर का इतिहास 14वीं शताब्दी का है।
सावन और महाशिवरात्रि पर यहाँ विशेष भीड़ होती है।
यह स्थान आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।

अल्मोड़ा, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। देवभूमि उत्तराखंड अपनी अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और प्राचीन मंदिरों के लिए विश्वभर में जानी जाती है। यहाँ पहाड़ों, नदियों और घने जंगलों के बीच कई ऐसे पवित्र स्थल हैं, जो श्रद्धा और आस्था का केंद्र बनते हैं। इनमें से एक प्रमुख स्थल है बिनसर महादेव मंदिर, जो देवदार के घने वनों में स्थित एक अत्यंत पवित्र और रहस्यमय धाम माना जाता है।

यह मंदिर रानीखेत से लगभग 22 किलोमीटर दूर और बिनसर क्षेत्र के घने जंगलों के बीच स्थित है, जो भगवान शिव को समर्पित है। जब आप यहाँ पहुंचते हैं, तो ऐसा अनुभव होता है जैसे आप प्रकृति की गोद में किसी दिव्य स्थान पर पहुँच गए हों। मंदिर के चारों ओर फैले ऊँचे देवदार के पेड़ और पक्षियों की मधुर आवाज़ भक्तों को एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है।

बिनसर महादेव मंदिर का इतिहास भी काफी पुराना है। यह कहा जाता है कि यह मंदिर 14वीं शताब्दी का है, जहाँ भगवान शिव स्वयंभू शिवलिंग के रूप में विद्यमान हैं। स्थानीय लोगों के बीच एक विशेष मान्यता है कि इस मंदिर तक हर कोई नहीं पहुँच पाता। मान्यता है कि केवल वही भक्त यहाँ पहुँचता है, जिसे भगवान शिव का बुलावा होता है।

एक और रोचक कथा है कि प्राचीन समय में यहाँ के एक राजा तपस्या कर रहे थे, तभी भगवान भोलेनाथ हिमालय से प्रकट हुए और इस स्थान को पवित्र किया। इस कारण यह स्थल शिवभक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

हर साल उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ आते हैं। खासकर सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहाँ भक्तों की भीड़ देखने लायक होती है। यह मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन और श्रद्धा से यहाँ आता है, भगवान शिव उसकी हर इच्छा पूर्ण करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और श्रद्घा का अद्भुत प्रतीक है। यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र धाम है, बल्कि पर्यटन के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र है। यहाँ की मान्यताएँ और प्राकृतिक वातावरण इसे और भी खास बनाते हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिनसर महादेव मंदिर कहाँ स्थित है?
यह मंदिर अल्मोड़ा जिले में, रानीखेत से लगभग 22 किलोमीटर दूर बिनसर क्षेत्र के घने जंगलों में स्थित है।
इस मंदिर की खासियत क्या है?
यहाँ पहुँचने के लिए भक्त को भगवान शिव का बुलावा होना आवश्यक है, जो इसे एक रहस्यमय स्थल बनाता है।
क्या बिनसर महादेव मंदिर का कोई ऐतिहासिक महत्व है?
हाँ, यह मंदिर 14वीं शताब्दी का है और यहाँ भगवान शिव स्वयंभू शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं।
इस मंदिर में कब सबसे ज्यादा श्रद्धालु आते हैं?
सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहाँ भक्तों की संख्या बहुत बढ़ जाती है।
बिनसर महादेव मंदिर तक कैसे पहुँचा जा सकता है?
रानीखेत से 22 किलोमीटर की यात्रा कर यहाँ पहुँच सकते हैं, जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है।
राष्ट्र प्रेस
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