करवा चौथ 2026: दिल्ली, UP, हरियाणा में बादलों से चांद देखना होगा मुश्किल, IMD ने जारी किया अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने 29 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि करवा चौथ के अवसर पर दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में आसमान में बादल छाए रहने के कारण चांद देखने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को सलाह दी कि वे विज्ञान के माध्यम से उपलब्ध चांद निकलने के अनुमानित समय का पालन करें। यह स्थिति उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बनी है।
बादलों की वजह और मौसमी कारण
डॉ. महापात्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख सहित उत्तर-पश्चिम भारत के विभिन्न हिस्सों में 29 और 30 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। दिल्ली के लिए हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है, जिसमें 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना अपेक्षाकृत अधिक बताई गई है।
चक्रवात अर्नब का असर
IMD महानिदेशक ने बताया कि चक्रवात अर्नब धीरे-धीरे कमज़ोर होकर गुरुवार सुबह मध्य छत्तीसगढ़ के ऊपर अवदाब के रूप में केंद्रित था और उत्तर दिशा में आगे बढ़ रहा था। इस दौरान हवा की गति लगभग 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान था। पिछले 24 घंटों में आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई, जिसमें दक्षिण ओडिशा में लगभग 55 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई और कुछ स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं।
ऑरेंज-रेड अलर्ट वाले राज्य
महापात्र ने बताया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लिए ऑरेंज से रेड अलर्ट जारी किए गए हैं। विशेष रूप से पूर्वी छत्तीसगढ़ और पश्चिमी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा की आशंका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए अगले दो दिनों तक येलो से ऑरेंज चेतावनी दी गई है।
बिहार और नेपाल सीमा पर खतरा
30 अक्टूबर को बिहार के कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। IMD महानिदेशक ने यह भी कहा कि नेपाल में 31 अक्टूबर तक बारिश की संभावना है और वहाँ अधिक वर्षा का असर कोसी और गंडक जैसी नदियों के माध्यम से भारत में भी देखा जा सकता है। दो दिनों के बाद मौसमी गतिविधियों में सामान्य रूप से कमी आने का अनुमान है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब करोड़ों महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती हैं और चांद देखकर ही व्रत तोड़ती हैं। IMD की सलाह है कि श्रद्धालु मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए चांद निकलने के वैज्ञानिक रूप से निर्धारित समय का उपयोग करें।