काशी में तिरंगा यात्रा: स्वतंत्र देव सिंह बोले — पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में दिखा अद्भुत उत्साह
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी में 13 अगस्त 2026 को निकाली गई तिरंगा यात्रा में जनसैलाब उमड़ा, जिसे देख उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की भावनात्मक अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के आह्वान पर देशभर में यह यात्रा आयोजित की जा रही है और काशी में जो उमंग देखी गई, वह अविस्मरणीय है।
यात्रा का आगाज़ और विस्तार
9 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ से इस तिरंगा यात्रा की शुरुआत हुई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तय किया है कि हर महानगर से लेकर मंडल स्तर तक यह यात्रा आयोजित होगी। वाराणसी में स्कूली बच्चे, पार्टी कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों के सदस्य सड़कों पर उतरे।
स्वतंत्र देव सिंह के बयान
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, "रानी लक्ष्मीबाई से लेकर मंगल पांडे तक, 1857 की क्रांति से लेकर 1947 की आज़ादी तक, तमाम स्वतंत्रता सेनानियों ने इस तिरंगे के लिए अपना जीवन कुर्बान किया।" उन्होंने सभी वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में तिरंगे का सम्मान नहीं होता था। उनके अनुसार, पीएम मोदी ने श्रीनगर के लाल चौक पर आतंकवादियों की चुनौती के सामने तिरंगा फहराकर देश का मान बढ़ाया था और कहा था — "सौगंध मुझे इस मिट्टी की, ये देश नहीं झुकने दूंगा।" यह दावा उनका अपना राजनीतिक कथन है।
योगी सरकार की भर्तियों पर दावे
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार में 9 लाख भर्तियाँ पारदर्शी तरीके से हुई हैं और किसी से एक रुपया भी नहीं लिया गया। उन्होंने मैनपुरी के एक सिपाही भर्ती प्रतिभागी का हवाला दिया, जिसने कथित तौर पर बताया कि पूर्ववर्ती सरकार में उसके भाई की भर्ती के लिए ₹10 लाख रिश्वत देनी पड़ी थी, जबकि उसकी अपनी भर्ती में एक पैसा नहीं लगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अब उत्तर प्रदेश का युवा नौकरी माँगने की बजाय रोज़गार देने की स्थिति में है — हालाँकि इस दावे का कोई स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
काशी की यात्रा पर मंत्री की प्रतिक्रिया
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, "आज का दृश्य अद्भुत था। ये पीएम मोदी का क्षेत्र है, जहाँ उमंग देखने को मिली — मैं इस धरती के लोगों को प्रणाम करता हूँ।" उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जब पीएम मोदी लंदन जैसी विदेशी धरती पर जाते हैं, तब भी भारतीय समुदाय तिरंगे के साथ 'भारत माता की जय' के नारे लगाता है।
15 अगस्त से पहले काशी में उमड़ा यह जनसैलाब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय भावना के व्यापक उभार का हिस्सा माना जा रहा है।