11 अक्टूबर 2026
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प्रकाश रेड्डी का केजरीवाल पर हमला: इमरजेंसी का इतिहास नहीं, कांग्रेस से समर्थन लेकर बने थे CM

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प्रकाश रेड्डी का केजरीवाल पर हमला: इमरजेंसी का इतिहास नहीं, कांग्रेस से समर्थन लेकर बने थे CM

सारांश

BJP नेता प्रकाश रेड्डी ने केजरीवाल पर दोहरा वार किया — एक तरफ इमरजेंसी के इतिहास से अनजान बताया, दूसरी तरफ 2013 में कांग्रेस की बैसाखी का जिक्र किया। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद यह बयान BJP-AAP की सियासी जंग को नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

BJP नेता प्रकाश रेड्डी ने 11 अक्टूबर 2026 को अरविंद केजरीवाल को आपातकाल का इतिहास न जानने वाला बताया।
रेड्डी ने कहा, सर्वोच्च न्यायालय और दिल्ली पुलिस दोनों ने CJP के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, इसलिए इसे रद्द होना चाहिए था।
उन्होंने याद दिलाया कि केजरीवाल 2013 में कांग्रेस के बाहरी समर्थन से दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे।
केरल के पूर्व CM पिनाराई विजयन को जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन में जाते समय दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।
रेड्डी ने सीपीआई (एम), सीपीआई और AAP पर आरोप लगाया कि वे मिलकर भारतीय लोकतंत्र को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रकाश रेड्डी ने 11 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद से आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल पर तीखा पलटवार किया। रेड्डी ने कहा कि केजरीवाल को आपातकाल (इमरजेंसी) का वास्तविक इतिहास ज्ञात नहीं है और उन्हें इस विषय पर वरिष्ठ नेताओं से जानकारी लेनी चाहिए। यह प्रतिक्रिया मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में आई है।

विरोध प्रदर्शन पर BJP का रुख

प्रकाश रेड्डी ने कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति और पहले हुए प्रदर्शनों को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने सीजेपी (CJP) के इस विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। दिल्ली पुलिस ने भी इसे अनुमति देने से इनकार किया था। उनके अनुसार, ऐसे में आयोजकों को प्रदर्शन रद्द कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'यदि प्रदर्शनकारियों को भारतीय संविधान और व्यवस्था पर थोड़ा भी भरोसा होता, तो वे यह आंदोलन वापस ले लेते।'

केजरीवाल पर इमरजेंसी ज्ञान का सवाल

रेड्डी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल आपातकाल के दौर में सक्रिय नेता नहीं थे, इसलिए संभव है कि उन्हें उस काल की घटनाओं की पूरी जानकारी न हो। उन्होंने केजरीवाल को सलाह दी कि वे वरिष्ठ नेताओं से मिलकर जानें कि 1975-77 के आपातकाल में वास्तव में क्या हुआ था। रेड्डी ने आरोप लगाया कि उस दौरान कांग्रेस ने संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया था।

कांग्रेस समर्थन और केजरीवाल के सीएम बनने का जिक्र

BJP नेता ने केजरीवाल के राजनीतिक इतिहास पर सवाल उठाते हुए याद दिलाया कि वे वर्ष 2013 में कांग्रेस के बाहरी समर्थन से दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे। रेड्डी ने इसे लेकर केजरीवाल के वर्तमान राजनीतिक रुख को विरोधाभासी बताया और कहा कि जो दल आज कांग्रेस की नीतियों की आलोचना करते हैं, उन्हीं के समर्थन से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ था।

पिनाराई विजयन की हिरासत और वामपंथी दलों पर आरोप

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते वक्त केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को हिरासत में लिया गया था। रेड्डी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया। उन्होंने सीपीआई (एम), सीपीआई और AAP द्वारा इस आंदोलन को समर्थन दिए जाने पर भी आपत्ति जताई।

विपक्षी एकता पर BJP का आरोप

रेड्डी ने आरोप लगाया कि इन दलों की वैचारिक दिशा एक जैसी है और ये मिलकर भारतीय लोकतंत्र, देश की अखंडता तथा राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सीजेपी को एक ऐसे दल के रूप में वर्णित किया जिसकी पहचान और सदस्यता मुख्यतः सोशल मीडिया तक सीमित है। गौरतलब है कि CEC ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष पहले से ही पक्षपात के आरोप लगाता रहा है, जिसे वे और सरकार दोनों नकारते रहे हैं।

यह टकराव ऐसे समय में आया है जब CEC की नियुक्ति और चुनावी स्वायत्तता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ हो रही है। आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे को और आक्रामक तरीके से उठा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस राजनीतिक संदर्भ को नज़रअंदाज़ करता है जिसमें AAP ने खुद को कांग्रेस और BJP दोनों से अलग विकल्प के रूप में स्थापित किया। CEC की नियुक्ति प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद यह विरोध केवल प्रतीकात्मक नहीं है — यह संस्थागत स्वायत्तता की बड़ी बहस से जुड़ा है, जिसे सत्तापक्ष 'कानून-व्यवस्था' के फ्रेम में समेटने की कोशिश कर रहा है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रकाश रेड्डी ने केजरीवाल पर क्या आरोप लगाए?
BJP नेता प्रकाश रेड्डी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को आपातकाल (1975-77) का वास्तविक इतिहास नहीं पता और उन्हें वरिष्ठ नेताओं से इसकी जानकारी लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि केजरीवाल 2013 में कांग्रेस के बाहरी समर्थन से दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों हो रही है?
विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। इसी माँग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था, जिसे सर्वोच्च न्यायालय और दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी।
पिनाराई विजयन को क्यों हिरासत में लिया गया?
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते समय दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रकाश रेड्डी के अनुसार यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया।
BJP ने विपक्षी प्रदर्शन को किस आधार पर गलत ठहराया?
BJP नेता रेड्डी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और दिल्ली पुलिस दोनों ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, इसलिए आयोजकों को इसे रद्द कर देना चाहिए था। उनके अनुसार, अनुमति के बिना प्रदर्शन जारी रखना संविधान और व्यवस्था में अविश्वास का प्रतीक है।
केजरीवाल का 2013 में दिल्ली CM बनने से क्या संबंध है?
2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, जिसके बाद AAP ने कांग्रेस के बाहरी समर्थन से सरकार बनाई और अरविंद केजरीवाल पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। BJP ने इस ऐतिहासिक तथ्य का उपयोग केजरीवाल की कांग्रेस-आलोचना को विरोधाभासी बताने के लिए किया।
राष्ट्र प्रेस
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