क्या केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने भूरिया बाई के परिजनों से मिलने और आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया?
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय मंत्री ने भूरिया बाई के परिवार को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी।
- खाद वितरण प्रणाली में सुधार के लिए काउंटर की संख्या बढ़ाई गई।
- किसानों को मिलने वाली यूरिया की सीमा बढ़ाई गई।
- सरकार की ओर से तत्काल सहायता प्रदान की गई।
- किसानों की समस्याओं के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया।
गुना/बमोरी, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के गुना जिले में खाद वितरण की कतार में खड़ी आदिवासी महिला भूरिया बाई का निधन हो गया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को शोकाकुल परिवार के पास जाकर उन्हें सांत्वना दी। इसके साथ ही उन्होंने मृतका के परिजनों को दो लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की।
कुछ दिन पहले खाद वितरण केंद्र की कतार में खड़ी भूरिया बाई की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना की जानकारी मिलने पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना कार्यक्रम स्थगित कर सीधे मृतका के परिवार से मिलने का निर्णय लिया।
उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आज मैंने अपने परिवार का एक सदस्य खो दिया है।
केंद्रीय मंत्री सिन्धिया ने तुरंत मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी किसान को ऐसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा और खाद वितरण व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है, जिसकी वे स्वयं निगरानी कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेरे अन्नदाताओं की सुरक्षा और सम्मान मेरी प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सिन्धिया ने खाद वितरण में अव्यवस्था को गंभीरता से लिया और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उनके निर्देश पर खाद वितरण केंद्रों में काउंटर की संख्या 15 से बढ़ाकर 33 कर दी गई।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों को अब लाइनों में घंटों खड़े रहने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने सभी केंद्रों से वास्तविक फोटो और वीडियो मंगवाकर स्थिति का लाइव रिव्यू किया। इसके बाद उन्होंने किसानों को मिलने वाली यूरिया की सीमा 5 बैग से बढ़ाकर 10 बैग करने का निर्देश दिया। इस आदेश के बाद कलेक्टर ने इसे आधिकारिक रूप से लागू किया।
इस निर्णय से किसानों को तात्कालिक राहत मिली और भीड़ का दबाव कम हुआ। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अपने दौरे के दौरान बागेरी खाद वितरण केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और वितरण प्रक्रिया का अवलोकन किया। मंत्री ने वहां उपस्थित किसानों को आश्वासन दिया कि अब आपको खाद पाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा, यह मेरी जिम्मेदारी है।