केरल चुनाव: अभिनेता मोहनलाल और मुख्यमंत्री पी. विजयन ने मतदान में भाग लिया

Click to start listening
केरल चुनाव: अभिनेता मोहनलाल और मुख्यमंत्री पी. विजयन ने मतदान में भाग लिया

सारांश

केरल में मतदान का दिन आ गया है, जहां 2.71 करोड़ मतदाता राज्य के भविष्य का फैसला करेंगे। मोहनलाल ने मतदान के लिए कतार में खड़े होकर अपनी भागीदारी दिखाई। सीएम पी. विजयन ने भी वोट डाला। जानें चुनावी प्रक्रिया की अहमियत और मतदाता की भागीदारी का महत्व।

Key Takeaways

  • केरल में 2.71 करोड़ मतदाता मतदान कर रहे हैं।
  • मोहनलाल और सीएम विजयन ने मतदान में भाग लिया।
  • राज्य में 30,471 मतदान केंद्र सक्रिय हैं।
  • 76,000 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।
  • चुनाव की प्रक्रिया लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है।

तिरुवनंतपुरम, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 23 दिनों के जोरदार चुनाव प्रचार के बाद केरल में गुरुवार को एक अहम दिन आया, जब लगभग 2.71 करोड़ मतदाता यह तय करेंगे कि राज्य की बागडोर किसके हाथ में होगी। मतदान की प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू हुई। नेमोम निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता और फिल्मी सुपरस्टार मोहनलाल सुबह लगभग 6:45 बजे मतदान के लिए कतार में खड़े दिखे। उनके साथ मौजूद थे मौजूदा सांसद और राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी और कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी के.एस. सबरीनाथन

राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर भी शुरुआती मतदानकर्ताओं में शामिल थीं। मुख्यमंत्री पी. विजयन ने भी मतदान केंद्र पर जाकर अपना मत डाला।

सभी 140 निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह से पहले ही मतदान केंद्रों की मशीनरी सक्रिय हो गई थी। सुबह 5:30 बजे तक राज्य के 30,471 मतदान केंद्र चालू हो चुके थे और अधिकारियों ने अनिवार्य मॉक मतदान प्रक्रिया शुरू कर दी थी। सुबह 6:30 बजे तक राज्यभर में लंबी कतारें लगने लगी थीं।

थोडुपुझा से, बुजुर्ग मतदाताओं की लंबी कतारें केरल के मतदाताओं की गहरी नागरिक भागीदारी का संकेत दे रही थीं, जो इस क्षेत्र की पहचान बन चुकी है।

केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी सुबह 6:30 बजे ही गुरुवायूर के एक मतदान केंद्र पर मतदान के लिए कतार में लग गए, जबकि विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन अपने परिवार के साथ परवूर में मतदान करते नजर आए।

मलप्पुरम जिले के पनाक्कड़ सीएचएमएम एलपी स्कूल में मतदान शुरू होने से पहले लंबी कतारें देखी गईं। तिरुवनंतपुरम में मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी थीं। विपक्ष के दल-बदलू दल और यूडीएफ के उम्मीदवार वी. डी. सतीशन ने कोच्चि में मतदान केंद्र पर अपना मत डाला।

कुन्नूर में मतदान की व्यवस्था और मॉक पोलिंग का आयोजन किया गया। मतदान शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंच गए थे। अलाप्पुझा ब्लॉक पंचायत में मतदाता मतदान करने के लिए पहुंचने लगे हैं। बूथ संख्या 77, 78, 79 और 80 की लाइन में मतदाता खड़े हैं।

वट्टियूरकावु से चुनाव लड़ रही भाजपा उम्मीदवार आर. श्रीलेखा ने अपने 209 मतदान केंद्रों पर व्यस्त कार्यक्रम की वजह से जल्दी मतदान किया। उन्होंने कहा, “मुझे नतीजों पर पूरा विश्वास है, जो मतदान के दिन उम्मीदवारों के आत्मविश्वास को दर्शाता है। चुनाव प्रक्रिया का पैमाना बहुत बड़ा है।”

वहीं, मलप्पुरम में आईयूएमएल नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने कहा, "इंतजार करें, इस बार यूडीएफ निश्चित रूप से सत्ता में आएगा। सभी संकेत यही बताते हैं कि बहुमत यूडीएफ के पक्ष में है। उन्हें स्पष्ट और निर्णायक बहुमत मिलने की उम्मीद है।"

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चुनिंदा जिलों में अतिरिक्त बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि 352 महिला मतदान केंद्र और दिव्यांगजनों द्वारा संचालित 37 बूथ समावेशी चुनावी प्रयासों को उजागर करते हैं। इसके अतिरिक्त, 884 मॉडल मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। राज्यभर में 76,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें विशेष पुलिस अधिकारी, केंद्रीय बल और पड़ोसी राज्य तमिलनाडु की इकाइयां शामिल हैं।

लगभग 2,500 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जहां निषेधाज्ञा और कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू है। केरल के हाल के समय के सबसे चर्चित चुनावों में से एक माने जा रहे इस चुनाव में मतदान हो रहा है और यह दिन न केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, बल्कि जनता की इच्छा की एक स्पष्ट अभिव्यक्ति भी है।

Point of View

NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

केरल में मतदान कब शुरू हुआ?
केरल में मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ।
मोहनलाल ने कब मतदान किया?
मोहनलाल ने लगभग 6:45 बजे मतदान के लिए कतार में खड़े होकर मतदान किया।
कितने मतदान केंद्र केरल में सक्रिय हैं?
राज्य में कुल 30,471 मतदान केंद्र सक्रिय हैं।
मतदान के लिए कितने पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है?
राज्यभर में 76,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।
केरल चुनाव की अहमियत क्या है?
यह चुनाव न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, बल्कि जनता की इच्छा का स्पष्ट प्रदर्शक भी है।
Nation Press