केशव मौर्य का कानपुर में हमला: SIR से हटेंगे अपात्र नाम, 2027 में फिर BJP सरकार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2 अक्टूबर 2026 को कानपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पूर्ण समर्थन घोषित करते हुए कहा कि शुद्ध और त्रुटिहीन मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव की पहली और अनिवार्य शर्त है।
एसआईआर पर BJP का रुख
मौर्य ने स्पष्ट किया कि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में शामिल अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत करती है। उनके अनुसार, तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कुछ अपात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूचियों में जुड़ गए थे, और एसआईआर इस विसंगति को दूर करने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसीलिए इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, और इसे 'दिखावा' करार दिया।
सपा पर सीधा हमला
उपमुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव के 'पीडीए' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को 'परिवार डेवलपमेंट एजेंसी' करार देते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी गुंडों, अपराधियों, माफियाओं और दंगाइयों को संरक्षण देने का काम करती है। मौर्य ने कहा कि हिंदू समाज को बाँटकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी और चुनाव परिणाम के बाद समाजवादी पार्टी 'सैफई की ओर जाती दिखाई देगी।'
कांग्रेस पर ऐतिहासिक विरोधाभास का आरोप
मौर्य ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इतिहास की सच्चाइयों को स्वीकार नहीं करना चाहती। उनके अनुसार, कांग्रेस ने देश के लिए संघर्ष करने वाले महापुरुषों को भी अपने वोट बैंक और राजनीतिक हित के लिए इस्तेमाल किया। विपक्ष की राजनीति के बारे में उन्होंने कहा कि उसका उद्देश्य देश के संविधान को कमजोर करना है, लेकिन जनता के सहयोग से ऐसी कोशिशें नाकाम रहेंगी।
गांधी जयंती और शास्त्री जयंती पर श्रद्धांजलि
कानपुर प्रवास के दौरान मौर्य ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश इन राष्ट्र निर्माताओं के आदर्शों पर आगे बढ़ रहा है और भाजपा विकास व सुशासन के संकल्प के साथ काम कर रही है।
सेवा संकल्प अभियान
मौर्य ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कानपुर से अपने आत्मीय जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ प्रदेशवासियों से मिलना हमेशा सुखद अनुभव रहता है। गौरतलब है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की तैयारियाँ अभी से तेज हो चुकी हैं और मतदाता सूची पुनरीक्षण इस चुनावी संग्राम का पहला मोर्चा बन गई है।