क्या खालिद अनवर ने सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वालों को देशविरोधी बताया?
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठाना संवैधानिक मुद्दा है।
- जमानत एक अधिकार है, लेकिन आरोपों से बरी नहीं करती।
- फैसले का सम्मान करना आवश्यक है।
- भ्रष्टाचार के मामलों में भी नेताओं की जवाबदेही होनी चाहिए।
- नेताओं का कार्य समाज की भलाई के लिए होना चाहिए।
पटना, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जदयू के नेता खालिद अनवर ने उन विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है जो दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं के खारिज होने पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग, जो सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता पर संदेह कर रहे हैं, वे देश के खिलाफ हैं।
खालिद अनवर ने पटना में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि पूरे देश के लोगों का न्याय प्रणाली पर विश्वास है। आज सुप्रीम कोर्ट ने पांच लोगों को जमानत दी, जबकि दो को नहीं। हमें यह समझना चाहिए कि जिन पांच को जमानत मिली है, वे आरोपों से बरी नहीं हुए हैं। जमानत एक अधिकार है और जहां लागू हो, वहां दी जानी चाहिए। देश को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा है।
उन्होंने कहा कि फैसले से सहमत या असहमत होने का कोई सवाल नहीं है। अगर हमारे सुप्रीम कोर्ट ने कोई फैसला किया है, तो हमें उसे मानना होगा। इसे मानना आवश्यक है क्योंकि यह हमारी न्याय प्रणाली है। यदि हम इसे नहीं मानते हैं, तो हम अपनी न्याय प्रणाली को कमजोर करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ऐसे फैसले देता है जो हमारे विचारों से मेल खाते हैं, तो लोग इसे सराहते हैं, लेकिन जब फैसले हमारे विचारों के खिलाफ होते हैं, तब सवाल उठाए जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट संविधान का पालन करता है और उसी के अनुसार निर्णय करता है। जो लोग सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं, वे देश के खिलाफ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट किसी के दबाव में काम नहीं करता है।
उमर खालिद और शरजील इमाम को न्यायिक प्रणाली में विश्वास रखना चाहिए। उमर खालिद कई बार जेल गए हैं, उन्हें बेल भी मिली है।
लालू यादव के मामले पर उन्होंने कहा कि उनके परिवार का कोई ऐसा दिन नहीं गुजरता जब उन्हें नोटिस नहीं मिलता। इन लोगों ने इतना भ्रष्टाचार किया है कि उन्हें लगातार नोटिस मिलते रहते हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी की जयंती पर उन्होंने कहा कि वे एक समाजवादी नेता थे। उन्होंने बिहार को प्रगति की ओर अग्रसर करने का प्रयास किया। ऐसे लोग बहुत कम मिलते हैं। हर परिस्थिति में उन्होंने सभी वर्गों के लिए ईमानदारी से काम किया। बिहार के निर्माण में सुशील मोदी का योगदान भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने नीतीश कुमार का साथ दिया। मैं खुद उनसे बहुत प्रभावित हूं और हम उनके दिखाए रास्ते पर चलने का प्रयास कर रहे हैं।