क्या खामेनेई ने वाशिंगटन के साथ सीधी बातचीत को खारिज किया?

सारांश
Key Takeaways
- ईरान की संप्रभुता को बचाने का संकल्प
- अमेरिका की मांगें अपमानजनक हैं
- घरेलू एकता का महत्व
- अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में तनाव
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध
तेहरान, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका का ईरान के प्रति विरोध इसीलिए है क्योंकि वह चाहता है कि ईरान उसकी बात मानें। उन्होंने इसे अपमानजनक करार देते हुए कहा कि ईरान कभी झुकेगा नहीं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, तेहरान में रविवार को दिए गए अपने भाषण में खामेनेई ने कहा कि अमेरिका से सीधी बातचीत की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि १९७९ की इस्लामी क्रांति के बाद से अमेरिका की शत्रुता लगातार बनी हुई है।
खामेनेई ने १३ जून को ईरान पर हुए हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका से जुड़े समूह अगले दिन एक यूरोपीय राजधानी में 'इस्लामी गणराज्य के बाद' व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए मिले थे, जिसमें राजशाही का सुझाव भी दिया गया। उनके अनुसार, ईरानी जनता और संस्थाओं की मजबूती ने इन प्रयासों को विफल कर दिया।
उन्होंने जून में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान को अस्थिर करना था, लेकिन ईरान ने इसका सावधानीपूर्वक जवाब दिया।
खामेनेई ने घरेलू एकता और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के लिए समर्थन का आह्वान किया और चेतावनी दी कि ईरान के विरोधी अब घरेलू स्तर पर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने गाजा में इजरायल की कार्रवाइयों की निंदा की और पश्चिमी देशों से उनकी मदद रोकने की अपील की, साथ ही यमन के हूती समूह द्वारा इजरायल के खिलाफ उठाए गए कदमों को भी जायज ठहराया।
ज्ञात हो कि १९७९ की इस्लामी क्रांति और उसके परिणामस्वरूप अमेरिकी दूतावास में हुए बंधक संकट के बाद से तेहरान और वाशिंगटन के बीच संबंध टूट गए थे। तब से, वाशिंगटन ने तेहरान पर कई प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें से सबसे हालिया प्रतिबंध उसके परमाणु कार्यक्रम के कारण लगाए गए हैं।