काइनेटिका-2 वाई1 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण: चीन ने उठाया एक नया कदम
सारांश
Key Takeaways
- काइनेटिका-2 वाई1 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण चीन के लिए एक नई उपलब्धि है।
- यह रॉकेट न्यू मार्च-1, न्यू मार्च-2 और टीएस-01 उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने में सक्षम है।
- काइनेटिका-2 रॉकेट में नौ इंजन हैं, जो इसे अधिक शक्तिशाली बनाते हैं।
- इसका मॉड्यूलर डिज़ाइन इसे पुन: उपयोग के लिए सक्षम बनाता है।
- काइनेटिका-2 रॉकेट का कुल वजन 625 टन है।
बीजिंग, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पेइचिंग समय के अनुसार 30 मार्च को शाम 7 बजे, काइनेटिका-2 वाई1 वाहक रॉकेट को चीन के डोंगफंग वाणिज्यिक अंतरिक्ष नवाचार पायलट क्षेत्र से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। यह रॉकेट सीएएस अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी द्वारा स्वतंत्र रूप से अनुसंधान और विकास किया गया है और यह एक मध्यम आकार का रॉकेट है।
इस रॉकेट के माध्यम से चीन ने न्यू मार्च-1, न्यू मार्च-2 और टीएस-01 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया। इन तीनों उपग्रहों ने अपनी निर्धारित कक्षाओं में सफलता से प्रवेश किया, जो इस अभियान की पूर्ण सफलता को दर्शाता है। यह काइनेटिका-2 वाहक रॉकेट की पहली उड़ान है।
जानकारी के अनुसार, काइनेटिका-1 रॉकेट के पहले स्टेज में केवल एक इंजन है, जबकि काइनेटिका-2 रॉकेट के पहले स्टेज में नौ इंजन हैं। काइनेटिका-2 रॉकेट का लिफ्ट ऑफ वजन 625 टन है, जो 500 किलोमीटर की ऊंचाई पर 8 टन वजन वाले अंतरिक्ष यान को और 200 किलोमीटर की ऊंचाई पर 12 टन वजन वाले अंतरिक्ष यान को ले जाने में सक्षम है।
इसके अतिरिक्त, काइनेटिका-2 रॉकेट एक मॉड्यूलर और यूनिवर्सल डिजाइन अवधारणा को अपनाता है। इससे रॉकेट का संयोजन और वियोजन 'बिल्डिंग ब्लॉक्स' के रूप में अधिक कुशल और लचीला हो जाता है, जिससे उत्पादन और प्रक्षेपण सरल बनता है। भविष्य में, काइनेटिका-2 रॉकेट में पुन: उपयोग की क्षमता भी होगी, जिससे प्रक्षेपण की लागत को और कम किया जा सकेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)