राजस्थान: किरोड़ी लाल मीना का चोमू में बीज माफिया पर छापा, 60 लाख नकली बोरे और एफ्लाटॉक्सिन-दूषित मूंगफली जब्त
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीना ने 26 मई 2026 को जयपुर के निकट चोमू स्थित आरआईआईसीओ (RIICO) औद्योगिक क्षेत्र में बिना किसी पूर्व सूचना के छापा मारकर नकली बीज रैकेट का भंडाफोड़ किया। अधिकारियों के अनुसार, दो अनधिकृत इकाइयाँ कथित तौर पर सीकर की एक प्रतिष्ठित कंपनी के नाम का दुरुपयोग करके घटिया मूंगफली को प्रमाणित उच्च-उपज बीज किस्मों के रूप में बेच रही थीं। यह कार्रवाई राजस्थान में बीज माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष मंत्री-स्तरीय कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
छापे में क्या मिला
जाँच दल को परिसर से लगभग 60 लाख खाली बोरे और पैकेजिंग बैग मिले, जिन पर प्रतिष्ठित बीज कंपनियों के लेबल लगे थे। इसके अलावा खुले बाज़ार से कम दामों पर खरीदे गए लगभग 2 लाख कच्चे मूंगफली के बोरे भी बरामद किए गए। परिसर में मूंगफली छीलने और उन्हें ब्रांडेड बीज बैग में पैक करने के लिए औद्योगिक मशीनरी भी मौजूद थी, जो एक सुनियोजित और बड़े पैमाने पर संचालित नकली उत्पादन तंत्र की ओर इशारा करती है।
एफ्लाटॉक्सिन का खतरा
कृषि विभाग के वैज्ञानिकों ने जब्त सामग्री की जाँच में पाया कि मूंगफली में एफ्लाटॉक्सिन नामक विषैला कवक मौजूद है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि ऐसे दूषित बीजों के खेती में उपयोग से फसल गंभीर रूप से नष्ट हो सकती है। अधिकारियों ने कहा कि एफ्लाटॉक्सिन-युक्त उपज के सेवन से गंभीर यकृत क्षति और कैंसर सहित दीर्घकालिक स्वास्थ्य खतरे उत्पन्न हो सकते हैं, जिससे यह मामला केवल कृषि धोखाधड़ी नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट भी बन जाता है।
किसानों और निर्यात पर असर
ये इकाइयाँ कथित तौर पर घटिया मूंगफली को कृषि अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित लोकप्रिय प्रमाणित किस्मों — आरजी-510, एसजी-551 और आरजी-578 — के नाम पर ऊँची कीमतों पर बेच रही थीं। अधिकारियों ने कहा कि इस रैकेट से न केवल किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि मिट्टी की सेहत, फसल उत्पादकता और राज्य की निर्यात विश्वसनीयता को भी दीर्घकालिक क्षति पहुँचने का खतरा है।
मंत्री की प्रतिक्रिया
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीना ने कहा कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों ने प्रमाणित बीज किस्मों पर किसानों के भरोसे को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने बताया कि राज्य से मूंगफली का निर्यात पहले काफी बेहतर था, लेकिन गुणवत्ता और मिलावट को लेकर चिंताओं के कारण हाल के वर्षों में कुछ देशों ने राजस्थान की मूंगफली के आयात पर प्रतिबंध लगाए हैं। गौरतलब है कि यह छापा ऐसे समय में हुआ है जब खरीफ बुआई का मौसम करीब है और किसान बीज खरीद की तैयारी में हैं।
आगे क्या होगा
जब्त स्टॉक को कृषि उपयोग और मानव उपभोग दोनों के लिए अनुपयुक्त घोषित कर दिया गया है। आगे की जाँच जारी है और अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस रैकेट में शामिल अन्य इकाइयों की भी पहचान की जा रही है। राजस्थान में बीज प्रमाणन तंत्र की समीक्षा की माँग भी तेज़ होने की संभावना है।