7 जुलाई 2026
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गुजरात में नकली IFFCO खाद बेचने पर चार गिरफ्तार, PBM अधिनियम के तहत कार्रवाई

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गुजरात में नकली IFFCO खाद बेचने पर चार गिरफ्तार, PBM अधिनियम के तहत कार्रवाई

सारांश

गुजरात के अमरेली जिले में नकली IFFCO ब्रांड के बैगों में घटिया डीएपी खाद बेचने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार। 299 बोरे बरामद, तीनों नमूने लैब में फेल। PBM अधिनियम के तहत जेल — खरीफ सीजन में किसानों को निशाना बनाने वाले इस गिरोह पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने 6 जुलाई 2026 को नकली डीएपी उर्वरक बेचने के आरोप में चार लोगों पर PBM अधिनियम, 1980 के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा।
अमरेली जिले के खंभला गांव स्थित श्री फर्टिलाइजर से नकली IFFCO ब्रांड बैगों में 299 बोरे घटिया डीएपी बरामद; तीनों प्रयोगशाला नमूने गुणवत्ता परीक्षण में विफल।
आरोपी भरत धनानी पर IFFCO और भारत डीएपी की नकली ब्रांडिंग वाले प्लास्टिक बैग छापने का आरोप।
कृषि मंत्री जीतू वाघानी ने चेतावनी दी — बार-बार अपराध करने वालों के लाइसेंस रद्द होंगे और जेल भेजा जाएगा।
खरीद चालान, स्रोत प्रमाण पत्र और स्टॉक रजिस्टर प्रविष्टि — कोई भी दस्तावेज़ नहीं मिला।

गुजरात सरकार ने 6 जुलाई 2026 को अमरेली जिले में नकली और घटिया डीएपी उर्वरक बेचने के आरोप में चार व्यक्तियों के खिलाफ कालाबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने संबंधी अधिनियम, 1980 (PBM अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया है। सभी चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

जांच का केंद्र अमरेली जिले के बाबरा तालुका के खंभला गांव में स्थित श्री फर्टिलाइजर दुकान रही। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नकली IFFCO ब्रांड के बैगों में भरे घटिया डीएपी उर्वरक के 299 बोरे बरामद किए। तीन नमूने परीक्षण के लिए जूनागढ़ प्रयोगशाला भेजे गए, और तीनों ही गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांचकर्ताओं के अनुसार, खाद के लिए कोई खरीद चालान, स्रोत प्रमाण पत्र या स्टॉक रजिस्टर प्रविष्टि भी नहीं मिली।

चारों आरोपी कौन हैं

सरकार के अनुसार, राजकोट जिले के जसदान निवासी 33 वर्षीय महेश जापड़िया बरामद नकली स्टॉक से कथित तौर पर जुड़ा था। बोटाद जिले के रामपारा गांव निवासी 26 वर्षीय जिग्नेश डाभी पर किसानों को असली सब्सिडी वाली डीएपी बताकर नकली IFFCO ब्रांड के बैगों में घटिया खाद बेचने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि जापड़िया ने डाभी से ही यह खाद खरीदी थी।

सूरत निवासी 30 वर्षीय विजय मालवीय पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नकली IFFCO ब्रांड के बैगों में घटिया डीएपी बेचने का आरोप है। चौथे आरोपी, अमरेली जिले के 39 वर्षीय भरत धनानी पर IFFCO और प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना (भारत डीएपी) की ब्रांडिंग वाले नकली प्लास्टिक बैग छापने का आरोप है, जिनमें घटिया खाद भरकर असली बताकर बेची जाती थी।

सरकार की प्रतिक्रिया

कृषि मंत्री जीतू वाघानी ने सोमवार को इस कार्रवाई की घोषणा करते हुए कहा कि नकली खाद और बीज बेचने में बार-बार शामिल अपराधियों के लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ उन्हें कारावास की सजा भी भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली सरकार किसानों को धोखा देने वालों को बर्दाश्त नहीं करेगी। वाघानी के अनुसार, अवैध, प्रतिबंधित या घटिया कृषि सामग्री बेचने वालों पर PBM अधिनियम के कड़े प्रावधान लागू किए जाएंगे।

आम जनता और किसानों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ सीजन की बुवाई चल रही है और किसान बड़े पैमाने पर डीएपी उर्वरक की खरीद करते हैं। नकली खाद के उपयोग से फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गौरतलब है कि सब्सिडी वाली खाद को नकली ब्रांडिंग में बेचना न केवल किसानों के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि सरकारी सब्सिडी तंत्र का भी दुरुपयोग है।

क्या होगा आगे

तीनों प्रयोगशाला नमूनों के विफल होने के बाद अब अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि इस तरह के मामलों में भविष्य में भी PBM अधिनियम के कठोर प्रावधानों का उपयोग जारी रहेगा। कृषि विभाग के अनुसार, प्रदेश भर में उर्वरक विक्रेताओं की जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में नकली खाद मामले में किन चार लोगों को गिरफ्तार किया गया?
गिरफ्तार चारों आरोपी हैं — राजकोट के जसदान निवासी 33 वर्षीय महेश जापड़िया, बोटाद के रामपारा निवासी 26 वर्षीय जिग्नेश डाभी, सूरत निवासी 30 वर्षीय विजय मालवीय और अमरेली के 39 वर्षीय भरत धनानी। इन सभी पर नकली IFFCO ब्रांड बैगों में घटिया डीएपी खाद बेचने या नकली बैग छापने का आरोप है।
PBM अधिनियम क्या है और इसे नकली खाद मामले में क्यों लागू किया गया?
कालाबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने संबंधी अधिनियम, 1980 (PBM अधिनियम) आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और मिलावट पर कड़ी सज़ा का प्रावधान करता है। गुजरात सरकार ने इसे इसलिए लागू किया क्योंकि उर्वरक एक आवश्यक कृषि वस्तु है और आरोपी बार-बार अपराध में संलिप्त पाए गए।
अमरेली में बरामद नकली खाद की जांच में क्या सामने आया?
अधिकारियों ने खंभला गांव स्थित श्री फर्टिलाइजर से नकली IFFCO ब्रांड बैगों में भरे 299 बोरे घटिया डीएपी उर्वरक बरामद किए। जूनागढ़ प्रयोगशाला भेजे गए तीनों नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, और कोई भी वैध खरीद दस्तावेज़ नहीं मिला।
किसानों पर नकली डीएपी खाद का क्या असर पड़ता है?
घटिया या नकली डीएपी खाद मिट्टी को आवश्यक पोषक तत्व नहीं दे पाती, जिससे फसल उत्पादन सीधे प्रभावित होता है। खरीफ सीजन में इसका उपयोग किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि वे असली सब्सिडी वाली खाद की कीमत चुकाकर घटिया उत्पाद पाते हैं।
गुजरात सरकार आगे नकली खाद पर क्या कदम उठाएगी?
कृषि मंत्री जीतू वाघानी के अनुसार, बार-बार अपराध करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और उन पर PBM अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि प्रदेश भर में उर्वरक विक्रेताओं की जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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