क्या किसानों ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को सराहा? इससे हम आत्मनिर्भर बनेंगे

सारांश
Key Takeaways
- कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी।
- किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
- फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा।
- ऋण की उपलब्धता आसान होगी।
रोहतक/कैथल, 16 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कैबिनेट में धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से हरियाणा के किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों का मानना है कि इस योजना से उन्हें काफी लाभ होगा। इससे कृषक आत्मनिर्भर होंगे और उनकी आमदनी में भी सुधार होगा।
रोहतक के किसान राजकुमार और रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के किसानों की चिंता है। केंद्र सरकार की तरफ से किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जैसे कि किसान क्रेडिट कार्ड और फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि। धान के उत्पादन में पहले अधिक खर्च होता था, लेकिन अब इस योजना से लाभ होगा। इसलिए, हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हैं।
किसान अशोक कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना से किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ ही फसलों के प्रति चिंता भी कम होगी। मौसम की अनिश्चितता ने हमेशा किसानों को परेशान किया है। फसलों की सिंचाई और खाद देने में परेशानियों के अलावा, आर्थिक तंगी भी एक बड़ी समस्या रही है। प्रधानमंत्री की यह योजना काफी हद तक इन समस्याओं का समाधान करेगी।
वहीं, कैथल के किसान इन्द्र सिंह ने कहा कि यह योजना हमारे लिए लाभकारी होगी। इससे किसानों को लाभ मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया है।
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है। यह योजना वर्ष 2025-26 से लागू होगी और छह वर्षों तक देश के 100 चिन्हित जिलों में चलेगी। यह योजना फसल विविधीकरण, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने, फसल कटाई के बाद भंडारण सुविधाओं को बेहतर करने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और ऋण की उपलब्धता को आसान बनाने पर केंद्रित है।