किशोर कुमार ने बेटे अमित को सिगरेट पीते देख किया था जोरदार डांट, होटल की दो मंजिलें हिल गईं
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज पार्श्व गायक और अभिनेता किशोर कुमार की बेमिसाल आवाज और अदाकारी के किस्से आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं। अब उनके बेटे और गायक अमित कुमार ने एक ऐसी यादगार घटना सुनाई है जो किशोर कुमार के अनुशासनप्रिय और सख्त पिता वाले रूप को सामने लाती है — जब उन्होंने बचपन में अमित को सिगरेट पीते हुए पकड़ लिया था और उनका गुस्सा पूरे होटल में गूँज उठा था।
कहाँ और कैसे हुई घटना
अमित कुमार अपनी माँ और अभिनेत्री लीना चंदावरकर के साथ म्यूजिक रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' में शामिल हुए थे, जहाँ उन्होंने यह किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि यह घटना उस दौर की है जब किशोर कुमार अमेरिका के वाशिंगटन में एक शो के लिए गए हुए थे। माँ भी उनके साथ थीं और अमित को उनके बड़े भाई के कमरे में छोड़ दिया गया था।
भाई की देखादेखी उठाई सिगरेट
अमित कुमार ने बताया, 'शाम करीब साढ़े आठ बजे भाई के कमरे में ड्रिंक, बर्फ और सिगरेट आ गई। मेरे पास करने के लिए कुछ नहीं था, इसलिए मैं भाई को देख रहा था। उन्हें सिगरेट पीते देख मैंने भी जिद शुरू कर दी कि मुझे भी सिगरेट चाहिए।' उन्होंने आगे कहा, 'भाई मेरी जिद से परेशान हो गए और आखिर में बोले, 'अच्छा लो, तुम भी ले लो।' फिर मैं शीशे के सामने खड़ा होकर भाई की नकल करते हुए सिगरेट पीने की कोशिश कर रहा था।'
किशोर कुमार के आने पर मच गई खलबली
तभी अचानक कमरे का दरवाज़ा खुला और किशोर कुमार अपनी पत्नी लीना चंदावरकर के साथ अंदर आ गए। अमित ने बताया, 'बाबा को किसी का शराब पीना या सिगरेट पीना बिल्कुल पसंद नहीं था। जैसे ही वे कमरे में आए, उसके बाद की हर बात मुझे आज भी अच्छी तरह याद है। उससे पहले की बातें तो धुंधली हैं।'
गाने जैसी दमदार आवाज में गूँजी डाँट
अपने पिता के गुस्से का वर्णन करते हुए अमित कुमार ने कहा, 'जब बाबा ने जोर से डांटा, तो मैं कसम खाकर कहता हूँ कि गाने में जो उनकी दमदार आवाज आप सुनते हैं, वही आवाज होटल की दो मंजिल ऊपर और दो मंजिल नीचे तक जरूर गई होगी। ऐसा लगा जैसे कोई धमाका हो गया हो। उस वक्त मेरी हालत बहुत खराब हो गई थी।'
आज मुस्कुराते हैं उस याद पर
हालाँकि, इतने वर्षों बाद अमित इस घटना को याद कर मुस्कुराते हैं। उन्होंने हँसते हुए कहा, 'लेकिन मैं तब बहुत छोटा और नासमझ था। मुझे तो सिगरेट दे दी गई थी। इसलिए इसमें पूरी गलती मेरी भी नहीं थी।' यह किस्सा किशोर कुमार की शख्सियत के उस पहलू को उजागर करता है जो परदे के पीछे था — एक सख्त मगर प्यार करने वाले पिता का।