15 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केटीआर का रेवंत सरकार पर हमला: विदेशी कोयला आयात में ₹3,000 करोड़ के घोटाले का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केटीआर का रेवंत सरकार पर हमला: विदेशी कोयला आयात में ₹3,000 करोड़ के घोटाले का आरोप

सारांश

केटीआर का सीधा हमला — रेवंत सरकार ने कथित तौर पर बिजली संकट गढ़ा, सिंगरेनी को कमज़ोर किया और ₹3,000 करोड़ के विदेशी कोयला आयात सौदे का रास्ता बनाया। खुले पत्र में पाँच माँगें, श्वेत पत्र और स्वतंत्र जाँच की चुनौती।

मुख्य बातें

BRS के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी.
रामा राव ने 15 अक्टूबर 2026 को CM रेवंत रेड्डी पर विदेशी कोयला आयात के ज़रिए ₹3,000 करोड़ के कथित घोटाले का आरोप लगाया।
आरोप है कि प्रस्तावित सौदे में प्रति टन ₹1,500 कमीशन और 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' के साथ संदिग्ध समझौते शामिल हैं।
SCCL का कोयला उत्पादन 2023-24 के 70.02 मिलियन टन से घटकर 2025-26 में लगभग 58 मिलियन टन रह गया है।
केटीआर ने SCCL के कथित ₹60,000 करोड़ के बकाया भुगतान का ऑडिटेड विवरण माँगा।
केंद्रीय कोयला मंत्री जी.
किशन रेड्डी पर भी SCCL के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया गया।
केटीआर ने स्पष्ट किया कि विदेशी आयात अभी शुरू नहीं हुआ है और प्रक्रिया से पहले श्वेत पत्र व स्वतंत्र जाँच की माँग की है।

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) ने 15 अक्टूबर 2026 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए — उनका कहना है कि राज्य सरकार ने कथित तौर पर जानबूझकर कोयला एवं बिजली संकट की परिस्थितियाँ निर्मित की हैं, ताकि विदेशी कोयला आयात की आड़ में ₹3,000 करोड़ का घोटाला अंजाम दिया जा सके। यह आरोप उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का और केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी को संबोधित एक विस्तृत खुले पत्र के माध्यम से लगाए हैं।

मुख्य आरोप क्या हैं

केटीआर ने आरोप लगाया कि तेलंगाना सरकार कथित तौर पर सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) को जानबूझकर कमज़ोर कर रही है और साथ ही 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' नामक कंपनी के साथ संदिग्ध समझौतों के ज़रिए महँगे विदेशी कोयले के आयात का रास्ता तैयार कर रही है। उनका दावा है कि इस प्रस्तावित व्यवस्था में प्रति टन ₹1,500 का कमीशन शामिल हो सकता है, जिससे कुल नुकसान ₹3,000 करोड़ तक पहुँच सकता है।

उन्होंने सरकार से माँग की कि इस प्रस्तावित आयात से जुड़ी समस्त जानकारियाँ — बातचीत के ब्यौरे, टेंडर दस्तावेज़, समझौतों के मसौदे, कीमतें और 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' के चयन का आधार — सार्वजनिक किए जाएँ।

सिंगरेनी उत्पादन में गिरावट का सवाल

पूर्व मंत्री केटीआर ने SCCL के कोयला उत्पादन में आई तेज़ गिरावट पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, जहाँ 2023-24 में उत्पादन लगभग 70.02 मिलियन टन था, वहीं 2025-26 में यह घटकर लगभग 58 मिलियन टन रह गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिजली की बढ़ती माँग के बावजूद घरेलू उत्पादन को मज़बूत करने और खदानों के विकास में क्यों विफलता हुई।

केटीआर ने SCCL के लगभग ₹60,000 करोड़ के कथित बकाया भुगतान का ऑडिटेड विवरण भी माँगा — यह स्पष्ट करते हुए कि कितनी राशि बकाया है, कितना मिल चुका है और कितनी देनदारियाँ अभी शेष हैं।

यादाद्री थर्मल पावर स्टेशन का मामला

केटीआर ने यादाद्री थर्मल पावर स्टेशन के संदर्भ में भी सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2022 में SCCL की खदानों से प्रतिवर्ष 14 मिलियन टन G9-ग्रेड कोयले की आपूर्ति के लिए एक समझौता हुआ था। उनका तर्क है कि विदेशी आयात का प्रस्ताव लाने से पहले इस घरेलू आपूर्ति की समस्याओं को सुलझाया जाना चाहिए था।

गौरतलब है कि उन्होंने यह भी पूछा कि जब राज्य की बिजली कंपनियों के पास कोयला एवं राख प्रबंधन की विशेषज्ञता उपलब्ध है, तो इस कार्य को आउटसोर्स क्यों किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री पर भी निशाना

केटीआर ने केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी की भी आलोचना की और उन पर SCCL के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्र और राज्य — दोनों सरकारों से जवाबदेही की माँग की।

बीआरएस की माँगें और चेतावनी

बीआरएस नेता ने पाँच प्रमुख माँगें रखी हैं: प्रस्तावित आयात व्यवस्था की स्वतंत्र जाँच, विदेशी कोयला खरीद पर एक श्वेत पत्र, 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' से जुड़े समस्त लेन-देन का सार्वजनिक खुलासा, SCCL में उत्पादन गिरावट पर विस्तृत रिपोर्ट और बकाया राशि का ऑडिटेड विवरण।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक विदेशी आयात शुरू नहीं हुआ है और माँग की कि कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी वित्तीय व्यवस्थाओं का खुलासा हो। केटीआर ने चेतावनी दी कि यदि SCCL को कमज़ोर करने या तेलंगाना पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डालने की कोशिश की गई, तो BRS इसका कड़ा प्रतिरोध करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार और विपक्षी BRS के बीच टकराव लगातार तेज़ होता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये अभी तक आरोप मात्र हैं — और BRS खुद सत्ता से बाहर होने के बाद से इस तरह के हमलों में लगातार आक्रामक रही है। असली सवाल यह है कि सिंगरेनी का उत्पादन दो वर्षों में 12 मिलियन टन से अधिक क्यों गिरा — क्या यह नीतिगत विफलता है, बजटीय उपेक्षा है, या कुछ और? 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' की भूमिका और चयन प्रक्रिया पर सरकारी चुप्पी इस विवाद को और गहरा करती है। तेलंगाना की बिजली सुरक्षा और SCCL पर करीब 60,000 करोड़ के कथित बकाये का मुद्दा जनहित से सीधे जुड़ा है — इसलिए इस पर पारदर्शिता नहीं, बल्कि जवाबदेही की ज़रूरत है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटीआर ने तेलंगाना सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
केटीआर ने आरोप लगाया है कि CM रेवंत रेड्डी की सरकार ने कथित तौर पर जानबूझकर बिजली एवं कोयला संकट पैदा किया, ताकि 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' के ज़रिए विदेशी कोयला आयात में ₹3,000 करोड़ का घोटाला किया जा सके। उनका कहना है कि इस व्यवस्था में प्रति टन ₹1,500 का कमीशन शामिल हो सकता है।
सिंगरेनी कोलियरीज के उत्पादन में कितनी गिरावट आई है?
केटीआर के अनुसार, SCCL का कोयला उत्पादन 2023-24 में लगभग 70.02 मिलियन टन था, जो 2025-26 में घटकर लगभग 58 मिलियन टन रह गया है। उन्होंने यह भी बताया कि SCCL पर लगभग ₹60,000 करोड़ का कथित बकाया भुगतान अभी भी लंबित है।
केटीआर ने सरकार से क्या माँगें की हैं?
BRS नेता ने पाँच माँगें रखी हैं — प्रस्तावित विदेशी कोयला आयात की स्वतंत्र जाँच, एक श्वेत पत्र, 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' से जुड़े सभी लेन-देन का सार्वजनिक खुलासा, SCCL उत्पादन गिरावट पर विस्तृत रिपोर्ट और बकाये का ऑडिटेड विवरण।
यादाद्री थर्मल पावर स्टेशन और इस विवाद का क्या संबंध है?
केटीआर के अनुसार, अप्रैल 2022 में SCCL की खदानों से यादाद्री थर्मल पावर स्टेशन को प्रतिवर्ष 14 मिलियन टन G9-ग्रेड कोयले की आपूर्ति का समझौता हुआ था। उनका तर्क है कि इस घरेलू आपूर्ति की समस्याओं को सुलझाए बिना विदेशी आयात का रास्ता अपनाना अनावश्यक और संदिग्ध है।
क्या विदेशी कोयला आयात अभी शुरू हो चुका है?
नहीं। केटीआर ने स्वयं स्पष्ट किया है कि अभी तक विदेशी आयात शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने माँग की है कि कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी वित्तीय व्यवस्थाओं और दस्तावेज़ों को सार्वजनिक किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले