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क्या मैं कर्नाटक की राजनीति से दूर रहूंगा? केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी का बयान

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क्या मैं कर्नाटक की राजनीति से दूर रहूंगा? केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी का बयान

सारांश

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक की राजनीति में अपनी सक्रियता को लेकर स्पष्टता दी है। उन्होंने कहा कि वह राज्य की राजनीति से दूर नहीं रहेंगे। उनकी इस टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। जानिए उन्होंने क्या कहा और इसके पीछे का कारण क्या है।

मुख्य बातें

कुमारस्वामी ने राजनीति में अपनी भूमिका स्पष्ट की।
राज्य में एक अच्छी सरकार लाने का उद्देश्य है।
कांग्रेस सरकार के समय सरकारी अधिकारियों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं।
राज्य प्रशासन की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है।

बेंगलुरु, १५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह कर्नाटक की राजनीति से दूर नहीं रहेंगे।

उन्होंने कहा, “मैं राजनीति में हूं। राज्य के लोग तय करेंगे कि मुझे कहां होना चाहिए। जनता की इच्छा के अनुसार ही मैं यह फैसला करूंगा कि राज्य की राजनीति में कब लौटना है।”

बेंगलुरु स्थित अपने आवास के पास मीडिया से बातचीत करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, “हम (भाजपा-जेडी(एस)) एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं। इस गठबंधन में किसी भी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। हमारा उद्देश्य राज्य में एक अच्छी सरकार लाना है। यह मेरी व्यक्तिगत मंशा है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर कोई यह सोचता है कि मैं राज्य की राजनीति से दूर जा रहा हूं, तो यह गलत है। मैं कर्नाटक की राजनीति से दूर नहीं रहूंगा। मैं राज्य की राजनीति में सक्रिय रहूंगा। केंद्र में प्रधानमंत्री ने मुझे दो मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी है और ईमानदारी से काम करने का अवसर दिया है। राज्य की राजनीति में कब लौटना है, इसका फैसला मैं करूंगा। इससे बचा नहीं जा सकता।”

राज्य प्रशासन पर नजर रखने की बात कहते हुए कुमारस्वामी ने कहा, “मैं लगातार देख रहा हूं कि राज्य में प्रशासन कैसे काम कर रहा है। एक अच्छी सरकार आनी चाहिए और लोगों को शांति से जीवन जीना चाहिए। इस संदर्भ में जनता मेरे लिए जो भी भूमिका तय करेगी, मैं उसे स्वीकार करूंगा। यह मेरे हाथ में नहीं है।”

शिदलघट्टा नगर पालिका आयुक्त अमृता गौड़ा को कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा द्वारा कथित रूप से धमकाने और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से सरकारी अधिकारियों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं।

उन्होंने कहा, “यह सही नहीं है। मैंने शिदलघट्टा मामले की जानकारी राज्य के मुख्य सचिव को पहले ही दे दी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।”

उन्होंने शिदलघट्टा की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। केवल हमारी पार्टी ही नहीं, बल्कि किसी भी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को सरकारी अधिकारियों के साथ अनुचित व्यवहार नहीं करना चाहिए। यदि एक-दो मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए, तो यह दूसरों के लिए सबक बनेगा।”

कुमारस्वामी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “राज्य सरकार में अधिकारियों पर अवैध काम करवाने का दबाव बनाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। साधारण कार्यकर्ता से लेकर सत्ता में बैठे लोग तक अधिकारियों पर दबाव डाल रहे हैं। जब सरकार सही ढंग से काम नहीं करती, तब ऐसी घटनाएं होती हैं। यदि व्यवस्था सही हो, तो ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।” उन्होंने सरकारी अधिकारियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कुमारस्वामी कर्नाटक की राजनीति में लौटेंगे?
कुमारस्वामी ने कहा है कि वह कर्नाटक की राजनीति से दूर नहीं रहेंगे और सही समय पर लौटेंगे।
कुमारस्वामी ने किस गठबंधन का जिक्र किया?
उन्होंने भाजपा-जेडी(एस) एनडीए गठबंधन का जिक्र किया है।
क्या राज्य प्रशासन को लेकर कुमारस्वामी चिंतित हैं?
जी हां, उन्होंने राज्य प्रशासन की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
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