दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण: ‘फार्मा सही दाम’ ऐप से करें असली मूल्य की जांच

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दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण: ‘फार्मा सही दाम’ ऐप से करें असली मूल्य की जांच

सारांश

यदि आप जानते हैं कि दवाओं की वास्तविक कीमत क्या है, तो ओवरप्राइसिंग के खिलाफ लड़ाई में आपकी मदद करने के लिए सरकार ने 'फार्मा सही दाम' ऐप लॉन्च किया है। जानें इस ऐप के जरिए कैसे कर सकते हैं आप दवाओं के दाम की जांच।

मुख्य बातें

फार्मा सही दाम ऐप से दवाओं की कीमत की जांच करें।
ओवर प्राइसिंग की पहचान करने के लिए जेपीएमआरयू सक्रिय है।
सरकार ने दवाओं की मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया को स्पष्ट किया है।
उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए तकनीक का उपयोग करें।
दवा कंपनियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

रांची, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। यदि कोई फार्मा कंपनी सरकार द्वारा निर्धारित दाम से अधिक कीमत पर दवा बेचती है, तो अब आम उपभोक्ताओं के पास एक शक्तिशाली साधन है। भारत सरकार की नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने 'फार्मा सही दाम' नाम का एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसे कोई भी नागरिक अपने मोबाइल फोन पर इंस्टॉल कर सकता है और दवाओं की वास्तविक कीमत की तुरंत जांच कर सकता है।

केंद्र सरकार की इस पहल को झारखंड में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए झारखंड स्टेट फार्मास्युटिकल प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट (जेपीएमआरयू) ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है।

जेपीएमआरयू की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाजार सर्वेक्षण के दौरान लगभग 600 दवाइयों की पहचान की गई है, जिनमें ओवर प्राइसिंग (निर्धारित से अधिक मूल्य) का मामला पाया गया है। इन सभी मामलों की जानकारी एनपीपीए को भेजी गई है, ताकि संबंधित कंपनियों पर उचित कार्रवाई की जा सके। सोमवार को रांची के आईपीएच सभागार में "द ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 एवं फार्मा सही दाम ऐप" विषय पर एक राज्यस्तरीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें इस बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि फार्मेसी छात्रों और केमिस्ट-ड्रगिस्ट संगठनों के सहयोग से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुँचाया जाएगा।

एनपीपीए के निदेशक कुमार अमन भारती ने दवाओं के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए लोगों से अपील की कि वे जागरूकता के लिए तकनीक का उपयोग करें। औषधि निदेशक ऋतु सहाय ने बताया कि भारत सरकार की नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने यह स्पष्ट किया है कि कोई भी दवा कंपनी सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दवा नहीं बेच सकती। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों से न केवल अतिरिक्त राशि वसूली जाएगी, बल्कि उन पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फार्मा सही दाम ऐप क्या है?
यह एक मोबाइल ऐप है, जिसे भारत सरकार ने लॉन्च किया है, जिससे उपभोक्ता दवाओं की वास्तविक कीमत की जांच कर सकते हैं।
इस ऐप का उपयोग कैसे करें?
आप ऐप को अपने मोबाइल फोन पर इंस्टॉल करके, दवा का नाम दर्ज कर सही कीमत जान सकते हैं।
ओवर प्राइसिंग के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं?
एनपीपीए ने ओवर प्राइसिंग के मामलों की जांच के लिए एक रिपोर्ट तैयार की है, जिससे संबंधित कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या कोई दवा कंपनी अधिक कीमत पर दवा बेच सकती है?
नहीं, सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर दवा बेचना अवैध है।
इस अभियान में कौन शामिल है?
इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, फार्मेसी छात्र और केमिस्ट-ड्रगिस्ट संगठन शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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