राम राज्य का वादा: कुमारस्वामी ने कर्नाटक की जनता से मांगा CM बनने का मौका
सारांश
Key Takeaways
- एचडी कुमारस्वामी ने 23 अप्रैल को हासन, कर्नाटक में मंदिर कार्यक्रम से मुख्यमंत्री पद की इच्छा खुलकर जाहिर की।
- उन्होंने कर्नाटक में 'राम राज्य' स्थापित करने का वादा करते हुए जनता से एक मौका मांगा।
- कांग्रेस की गारंटी योजना के तहत मिलने वाले 2,000 रुपये को नाकाफी बताते हुए 5,000 रुपये देने का वादा किया।
- कुमारस्वामी 2018 में 14 महीने कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अब 2028 चुनाव की दृष्टि से सक्रिय हैं।
- कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना और एच.के. कुमारस्वामी सहित कई स्थानीय नेता उपस्थित रहे।
- महिला मतदाताओं से विशेष अपील करते हुए उन्होंने बच्चों के भविष्य और राज्य की आर्थिक दिशा पर ध्यान देने को कहा।
हासन, 23 अप्रैल। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक की जनता से खुलकर मुख्यमंत्री पद की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि यदि उन्हें एक मौका दिया जाए तो वे राज्य में 'राम राज्य' की स्थापना करेंगे। हासन जिले के होलेनरसीपुरा तालुक स्थित डोड्डाबीकेनहल्ली गांव में श्री अंजनेय स्वामी मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने यह बड़ा राजनीतिक संकेत दिया।
मंदिर मंच से बड़ा राजनीतिक संदेश
कार्यक्रम में कुमारस्वामी ने कहा, "आप सभी भगवान अंजनेय का मंदिर बना रहे हैं और राम राज्य की स्थापना के लिए प्रार्थना कर रहे हैं — यही मेरी भी प्रार्थना है। मुझे एक मौका दीजिए, मैं कर्नाटक में राम राज्य स्थापित करूंगा।" यह बयान धार्मिक आयोजन की पृष्ठभूमि में दिया गया, जिससे इसे जनभावनाओं से जोड़ने की स्पष्ट कोशिश दिखती है।
उन्होंने मंच पर मौजूद युवाओं से मजाकिया लहजे में कहा कि सभी ने भगवा शॉल पहनी है, लेकिन उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने कहा, "मैं भी भगवान राम का उतना ही भक्त हूं — मुझे भी एक शॉल दीजिए।" उन्होंने भगवा शॉल को आस्था, उदारता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक बताया।
कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार भारी कर्ज लेकर राज्य की आर्थिक नींव कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, "महंगाई और टैक्स लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में गारंटी योजना के तहत मिलने वाले 2,000 रुपये का कोई वास्तविक मतलब नहीं है।"
उन्होंने वादा किया कि यदि वे मुख्यमंत्री होते, तो 5,000 रुपये की सहायता देते। उन्होंने कहा, "अगर आपको असली गारंटी चाहिए, तो मैं 5,000 रुपये दूंगा।" यह बयान सीधे तौर पर कांग्रेस की गृह लक्ष्मी जैसी योजनाओं को चुनौती देता है।
महिलाओं से विशेष अपील
कुमारस्वामी ने महिला मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे 2,000 रुपये की मामूली सहायता से प्रभावित न हों, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य और राज्य की आर्थिक दिशा के बारे में सोचें। यह संदेश स्पष्ट रूप से २०२८ के कर्नाटक विधानसभा चुनाव की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और संभावित असर
कुमारस्वामी जनता दल (सेक्युलर) और भाजपा के गठबंधन की ओर से एनडीए में शामिल हैं। वे २०१८ में कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, लेकिन उनकी सरकार महज 14 महीने ही चल सकी थी। तब से वे राज्य की सत्ता में वापसी के लिए सक्रिय हैं।
गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार मई 2023 में भारी बहुमत से सत्ता में आई थी। सिद्दारमैया की सरकार की गारंटी योजनाएं जहां एक ओर लोकप्रिय हैं, वहीं राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है।
इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना, एच.के. कुमारस्वामी सहित कई स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। रेवन्ना की मौजूदगी ने देवेगौड़ा परिवार की एकजुटता का भी संदेश दिया।
आने वाले महीनों में जेडी(एस)-भाजपा गठबंधन की रणनीति और कुमारस्वामी की मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर्नाटक की राजनीति को नई दिशा दे सकती है। राज्य में अगले विधानसभा चुनाव २०२८ में होने हैं, लेकिन विपक्ष अभी से जमीन तैयार करने में जुट गया है।