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कुरुक्षेत्र: CM नायब सिंह सैनी ने लाडवा-बाबैन मार्ग पर घायल दो युवकों को एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल

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कुरुक्षेत्र: CM नायब सिंह सैनी ने लाडवा-बाबैन मार्ग पर घायल दो युवकों को एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल

सारांश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 24 जून को लाडवा-बाबैन मार्ग पर काफिला रोककर दो घायल युवकों — अमित (27) और रजत कुमार (30) — को अपनी एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से CHC शाहबाद पहुंचाया और 'हरियाणा सुरक्षित सड़क नीति' के तहत गोल्डन ऑवर में मदद की अपील की।

मुख्य बातें

CM नायब सिंह सैनी ने 24 जून 2026 को लाडवा-बाबैन मार्ग पर सड़क हादसे में घायल दो युवकों की मदद की।
घायलों की पहचान अमित (27 वर्ष) , गाँव बीड़ कलवा और रजत कुमार (30 वर्ष) , गाँव सूरजगढ़ के रूप में हुई।
दोनों को काफिले की एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से CHC शाहबाद भेजा गया, जहाँ उपचार जारी है।
सरकार ने सभी विधायकों, सांसदों और अधिकारियों को काफिले के साथ एंबुलेंस अनिवार्य रखने के निर्देश दिए हैं।
'हरियाणा सुरक्षित सड़क नीति' के तहत घायल की मदद करने वाले नागरिक को प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार, 24 जून 2026 को लाडवा-बाबैन मार्ग पर सड़क हादसे में घायल दो मोटरसाइकिल सवार युवकों की तत्काल मदद की। काफिले के गुज़रते वक्त घायलों पर नज़र पड़ते ही उन्होंने वाहन रुकवाया और अपने काफिले में मौजूद एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से दोनों को उपचार के लिए रवाना किया।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सैनी स्वयं गाड़ी से उतरे और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल अपने सुरक्षाकर्मियों और निजी चिकित्सक को प्राथमिक उपचार देने के निर्देश दिए। इसके बाद दोनों घायलों को काफिले की एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शाहबाद भेजा गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। इस दौरान राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी भी मौजूद रहे।

घायलों की पहचान

हादसे में घायल युवकों की पहचान अमित (उम्र 27 वर्ष), निवासी गाँव बीड़ कलवा, और रजत कुमार (उम्र 30 वर्ष), निवासी गाँव सूरजगढ़ के रूप में हुई है। दोनों का उपचार CHC शाहबाद में चल रहा है।

मुख्यमंत्री की अपील और सरकारी नीति

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा, 'सड़क पर किसी को भी घायल अवस्था में देखना पीड़ादायक है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते ही नहीं, एक इंसान होने के नाते भी हमारा पहला कर्तव्य है कि हम जरूरतमंद की मदद करें।' उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी विधायकों, सांसदों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने काफिले के साथ हमेशा एंबुलेंस रखें, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

आम जनता से अपील

सैनी ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि सड़क हादसे में 'गोल्डन ऑवर' के भीतर घायल को अस्पताल पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि 'हरियाणा सुरक्षित सड़क नीति' के तहत घायल की मदद करने वाले नागरिक को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।

क्या होगा आगे

यह घटना हरियाणा में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि काफिले के साथ एंबुलेंस अनिवार्य रखने की नीति यदि प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह राज्य में सड़क हादसों के बाद की मृत्यु दर को कम करने में सहायक हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना एक बड़े सवाल को भी उजागर करती है — क्या हरियाणा की सामान्य आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली इतनी सक्षम है कि आम नागरिक को किसी मुख्यमंत्री के काफिले के गुज़रने का इंतज़ार न करना पड़े? काफिले के साथ एंबुलेंस अनिवार्य रखने की नीति सकारात्मक है, परंतु 'गोल्डन ऑवर' की सफलता अंततः राज्यव्यापी 108 एंबुलेंस नेटवर्क की पहुँच और प्रतिक्रिया समय पर निर्भर करती है। यह घटना उस नीति की असली परीक्षा है, न कि किसी एक व्यक्ति की संवेदनशीलता की।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM नायब सिंह सैनी ने लाडवा-बाबैन मार्ग पर क्या किया?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 24 जून 2026 को लाडवा-बाबैन मार्ग पर सड़क हादसे में घायल दो मोटरसाइकिल सवारों को देखकर अपना काफिला रुकवाया और उन्हें काफिले की एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से CHC शाहबाद भिजवाया।
हादसे में घायल युवक कौन थे और उनका इलाज कहाँ हो रहा है?
घायलों की पहचान अमित (27 वर्ष), निवासी गाँव बीड़ कलवा और रजत कुमार (30 वर्ष), निवासी गाँव सूरजगढ़ के रूप में हुई है। दोनों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शाहबाद में चल रहा है।
'हरियाणा सुरक्षित सड़क नीति' क्या है?
यह हरियाणा सरकार की एक नीति है जिसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिक को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। इसका उद्देश्य 'गोल्डन ऑवर' में घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाने के लिए आम लोगों को प्रेरित करना है।
हरियाणा सरकार ने काफिले में एंबुलेंस रखने का निर्देश किसे दिया है?
मुख्यमंत्री सैनी के अनुसार, सरकार ने सभी विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने काफिले के साथ हमेशा एंबुलेंस रखें, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।
'गोल्डन ऑवर' का सड़क हादसों में क्या महत्व है?
सड़क हादसे के बाद पहला एक घंटा 'गोल्डन ऑवर' कहलाता है, जिसमें घायल को अस्पताल पहुँचाने पर जीवन बचने की संभावना सबसे अधिक होती है। मुख्यमंत्री सैनी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस अवधि में घायल की मदद को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
राष्ट्र प्रेस
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