शहीद लाला जगत नारायण को सीएम नायब सिंह सैनी की श्रद्धांजलि, लुधियाना में ₹11 लाख सहायता राशि का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार, 14 जून 2026 को लुधियाना में आयोजित 346वें मासिक विधवा राशन एवं सहायता वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समाज की महानता उसकी आर्थिक समृद्धि से नहीं, बल्कि इस बात से आँकी जाती है कि वह अपने कमज़ोर, असहाय और वंचित वर्गों के साथ कैसा व्यवहार करता है। इस अवसर पर उन्होंने 'ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसायटी' को ₹11 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा भी की।
शहीद लाला जगत नारायण को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री सैनी ने शहीद लाला जगत नारायण को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देशभक्ति, सामाजिक सद्भाव और मानवता की सेवा में न्योछावर कर दिया। उन्होंने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। सैनी ने कहा कि लाला जगत नारायण की सेवा, समर्पण और राष्ट्रीय हित के प्रति प्रतिबद्धता की विरासत को आज 'ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसायटी' और 'लाला जगत नारायण निष्काम सेवा समिति' आगे बढ़ा रही हैं।
346 महीनों की अनवरत सेवा — एक ऐतिहासिक उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वर्गीय जगदीश बजाज द्वारा 1997 में शुरू की गई यह सेवा पहल अब एक व्यापक जन-कल्याणकारी आंदोलन का रूप ले चुकी है। जरूरतमंद विधवा माताओं और बहनों को लगातार 346 महीनों तक निर्बाध सहायता प्रदान करना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। संगठन अब तक 1.65 लाख से अधिक जरूरतमंद विधवा परिवारों को राशन वितरित कर चुका है। यहाँ तक कि कोविड-19 महामारी के कठिनतम दौर में भी स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर सहायता पहुँचाई।
इसके अलावा, सोसायटी ने दिव्यांगजनों को 385 तिपहिया वाहन (ट्राइसाइकिल) उपलब्ध कराए हैं, 1.15 लाख से अधिक महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की हैं और 25,000 से अधिक बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा प्रदान की है। समारोह में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री लेकर जाने वाले 64वें ट्रक को भी रवाना किया गया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।
हरियाणा सरकार की महिला कल्याण योजनाएँ
मुख्यमंत्री सैनी ने इस अवसर पर हरियाणा सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा दिया। राज्य में विधवा महिलाओं को ₹3,200 की मासिक पेंशन दी जा रही है। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,100 की आर्थिक सहायता मिलती है, जबकि हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत ₹500 में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, लखपति दीदी अभियान और स्वयं-सहायता समूहों को मज़बूत करने जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। सैनी ने बताया कि राज्य में 81 नए कॉलेज खोले गए हैं, जिनमें से 31 कॉलेज विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं। राज्य सरकार लड़कियों को स्नातकोत्तर स्तर तक निःशुल्क शिक्षा दे रही है।
समाज की असली परीक्षा — वंचितों की देखभाल
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि जो समाज अपने वंचित और जरूरतमंद नागरिकों का ख्याल रखता है, वही सच्चे अर्थों में प्रगतिशील और दयालु होता है। उन्होंने संगठन के प्रयासों को केवल राशन वितरण तक सीमित न मानते हुए इसे महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाले एक सकारात्मक सामाजिक बदलाव का उत्प्रेरक बताया।
गौरतलब है कि यह आयोजन पंजाब में हुआ, लेकिन हरियाणा के मुख्यमंत्री की उपस्थिति और उनके द्वारा की गई घोषणाएँ दोनों राज्यों में सामाजिक सेवा की साझा परंपरा को रेखांकित करती हैं। आने वाले समय में इस संगठन के विस्तार और सरकारी सहयोग की दिशा पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।