क्या एक्शन पर रिएक्शन होता है तो सरकार के पास कठोर दंड देने का विकल्प है?

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क्या एक्शन पर रिएक्शन होता है तो सरकार के पास कठोर दंड देने का विकल्प है?

सारांश

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने एसटी हसन की टिप्पणी पर जोरदार जवाब दिया है। उनका कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को सख्त दंड मिलेगा। जानिए इस मुद्दे पर उनकी क्या राय है।

Key Takeaways

  • कानून का उल्लंघन करने वालों को सख्त दंड मिलेगा।
  • अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत है।
  • सभी धर्मों के लोगों को कानून का सम्मान करना चाहिए।
  • सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया है।
  • मुद्रास्फीति नियंत्रण में सुधार हुआ है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद दिनेश शर्मा ने दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में पथराव पर समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन की विवादास्पद टिप्पणी का उत्तर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि एक्शन पर रिएक्शन होता है, तो सरकार के पास कठोर दंड देने का भी विकल्प है।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "यदि प्रतिक्रिया होगी तो सरकार के पास कठोर दंड देने का भी विकल्प है। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि व्यक्ति हिंदू है या मुसलमान, कानून अपने हाथ में लेने वालों को ऐसा दंड मिलेगा कि उनकी तीन पीढ़ियाँ इसे याद रखेंगी। यदि कोई असंवैधानिक तरीके से कानून को अपने हाथ में लेता है, तो कानून के पास दंड के अधिकार भी हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "कानून यह नहीं कहता कि अंधेरे या उजाले में नियमों का पालन हो, बल्कि वह कहता है कि नियमों का पालन होना चाहिए और नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रशासन ने सभी पहलुओं को समझने के बाद ही निर्णय लिया होगा।"

सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी पर उठ रहे सवालों को लेकर भी दिनेश शर्मा ने उत्तर दिया। उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि दंगा भड़काने वाले लोग कौन हैं। यदि कोई व्यक्ति अपराध में संलग्न पाया जाता है, तो निश्चित रूप से वह कानून के कटघरे में आएगा।"

इसी बीच, भाजपा सांसद ने अर्थव्यवस्था को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी का हर अनुमान गलत साबित होता है। इसी तरह, भारत के संबंध में पाकिस्तान और चीन के अनुमान भी गलत साबित होते हैं। भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।"

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ गति से बढ़ी और यह 7.4 प्रतिशत से अधिक है। इसका मुख्य कारण मजबूत घरेलू मांग और निजी उपभोग हैं। भारत की जीडीपी का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा निजी उपभोग से आता है। बढ़ते रोजगार और उपभोक्ता भावना से ग्रामीण और शहरी मांगें मजबूत हुईं।

दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रारंभिक खर्च बढ़ाया। सेवा क्षेत्र में भी 9 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई। यह भारत के लिए अद्भुत है। मुद्रास्फीति नियंत्रण और जीएसटी में सुधारों से उपभोक्ताओं और व्यवस्थाओं को राहत मिली, और कच्चे तेल की कीमतें गिरने जैसे कारकों के कारण देश की जीडीपी दर 7.4 प्रतिशत के आसपास रही। भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है।

Point of View

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कानून के सख्त पालन की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका मत है कि किसी भी धर्म के व्यक्ति को कानून को अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह बयान राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी के आर्थिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

दिनेश शर्मा का एसटी हसन के बयान पर क्या कहना है?
दिनेश शर्मा ने कहा कि अगर एक्शन पर रिएक्शन होता है, तो सरकार के पास कठोर दंड देने का विकल्प है।
भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति क्या है?
भारत की अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर के साथ तेजी से बढ़ रही है।
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