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क्या बांग्लादेश का भी बहिष्कार होना चाहिए, संजय निरुपम के अनुसार?

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क्या बांग्लादेश का भी बहिष्कार होना चाहिए, संजय निरुपम के अनुसार?

सारांश

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने बांग्लादेश के बहिष्कार की मांग की है, पाकिस्तान के साथ खेलों के बंद होने के समान। क्या भारत को बांग्लादेश के साथ भी ऐसा ही करना चाहिए? जानें इस विवादास्पद बयान के पीछे की वजह।

मुख्य बातें

संजय निरुपम का बांग्लादेश के बहिष्कार का बयान।
बीसीसीआई का निर्णय और इसके प्रभाव।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की स्थिति।

मुंबई, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने पाकिस्तान और बांग्लादेश को लेकर कहा है कि जिस तरह से भारत ने पाकिस्तान के साथ खेलों का बहिष्कार किया है, अब बांग्लादेश के साथ भी ऐसा ही कदम उठाने का समय आ गया है।

यह बयान उस समय आया है, जब बीसीसीआई के निर्देश पर केकेआर ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीव करने के लिए कहा।

मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा कि यह बीसीसीआई का एक अच्छा निर्णय है, और मैं इसका स्वागत करता हूँ। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे हिंसक अभियान को देखते हुए, भारत को बांग्लादेश के साथ किसी भी प्रकार का संबंध नहीं रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हमारे हिंदुओं पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। पूरे भारत में बांग्लादेश के प्रति गुस्सा है, ऐसे में हमारे देश में कोई बांग्लादेशी खिलाड़ी कैसे खेल सकता है। बीसीसीआई ने केकेआर को सही दिशा-निर्देश दिए हैं। हाल ही में देशवासियों ने यह मांग उठाई थी कि बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल से बाहर किया जाए, वरना शाहरुख खान को हिंदुओं के गुस्से का शिकार होना पड़ सकता है।

संजय निरुपम ने कहा कि यदि बीसीसीआई ने निर्देश दिए हैं, तो शाहरुख खान को इसे स्वीकार करना चाहिए। पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश का बहिष्कार करने का समय आ गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का संबंध नहीं रखना चाहिए। हालांकि उस समय सरकार या बीसीसीआई ने यह स्पष्टीकरण दिया था कि एक मल्टीलेटरल मुकाबले में, आपको कभी-कभी पाकिस्तान का सामना करना पड़ सकता है। बाइलेटरल सीरीज में आप सीधे पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से बचेंगे और ऐसे मैचों को रद्द कर दिया जाएगा। भारत को नुकसान न हो, इसलिए एक बीच का रास्ता निकाला गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि देश की सुरक्षा और अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना प्राथमिकता होनी चाहिए। बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के संदर्भ में, इस मुद्दे पर चर्चा आवश्यक है, लेकिन हमें ठोस और संतुलित निर्णय लेने की आवश्यकता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने बांग्लादेश के बहिष्कार की मांग क्यों की?
उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को देखते हुए यह मांग की।
क्या बीसीसीआई ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को हटाने का निर्णय लिया?
हाँ, बीसीसीआई ने केकेआर को बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीव करने के निर्देश दिए।
क्या भारत को बांग्लादेश के साथ खेलों का बहिष्कार करना चाहिए?
यह एक विवादास्पद मुद्दा है, जो अलग-अलग दृष्टिकोणों पर निर्भर करता है। कई लोग इसे उचित मानते हैं, जबकि अन्य इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से देखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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