क्या भारत विकासशील से विकसित देश बनने की राह पर अग्रसर है? - मनीषा कायंदे

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क्या भारत विकासशील से विकसित देश बनने की राह पर अग्रसर है? - मनीषा कायंदे

सारांश

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने मोदी सरकार के 11 वर्षों के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि भारत तेजी से एक विकसित देश बनने की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी और ममता बनर्जी पर भी टिप्पणी की। जानिए उनके विचारों के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

भारत तेजी से विकासशील से विकसित देश बनने की ओर अग्रसर है।
मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों का प्रभाव अब स्पष्ट है।
संसद में नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे उपस्थित रहें।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक रंग देना गलत है।
राजनीतिक आलोचना आवश्यक है, लेकिन संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में भारत की जीडीपी वृद्धि और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर शिवसेना की नेता मनीषा कायंदे ने अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 वर्षों के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस समय में देश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

मनीषा कायंदे ने न्यूज एजेंसी राष्ट्र प्रेस से कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। जो आर्थिक सुधार किए गए हैं और जिस प्रकार की विकास दर हम देख रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि देश एक नई दिशा में अग्रसर है। मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन भारत निश्चित रूप से एक विकसित देश बनेगा।

इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया।

मनीषा कायंदे ने कहा कि राहुल गांधी एक गैर-जिम्मेदार नेता हैं। भले ही राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हों, लेकिन जब संसद में चर्चाएं शुरू होती हैं, तब वे अक्सर विदेश चले जाते हैं। ऐसे में उन्हें भारत की जीडीपी या अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

इसके अतिरिक्त, शिवसेना की नेता ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब ईडी के अधिकारी किसी जांच के लिए पहुंचते हैं, तो ममता बनर्जी क्यों घबरा जाती हैं।

मनीषा कायंदे ने कहा, "यदि ममता बनर्जी का रिकॉर्ड साफ है, तो उन्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्हें चाहिए कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें और जांच में सहयोग करें। किसी के यहाँ ईडी की रेड होना एक कानूनी प्रक्रिया है और हर किसी को कानून का सामना करना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक रंग देना गलत है। यदि कोई निर्दोष है, तो जांच से सत्य अपने आप सामने आ जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि मनीषा कायंदे के बयान में एक सकारात्मक दृष्टिकोण है। वे विकास और आर्थिक सुधारों की बात कर रही हैं, जो निश्चित रूप से देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालाँकि, राजनीतिक आलोचना का संदर्भ भी इस विषय में महत्वपूर्ण है। हमें एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और सभी पक्षों को सुनना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत की जीडीपी में वृद्धि हो रही है?
हाँ, हाल के वर्षों में भारत की जीडीपी में वृद्धि हो रही है, जो आर्थिक सुधारों का परिणाम है।
क्या मोदी सरकार ने आर्थिक सुधारों में सफलता पाई है?
हां, मनीषा कायंदे के अनुसार, मोदी सरकार द्वारा किए गए सुधारों का असर अब स्पष्ट है।
क्या राहुल गांधी का संसद में उपस्थित होना जरुरी है?
हां, संसद में चर्चाओं के दौरान उपस्थित होना एक जिम्मेदार नेता का कर्तव्य है।
क्या ममता बनर्जी को ईडी की जांच से डरना चाहिए?
अगर उनके रिकॉर्ड साफ हैं, तो उन्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।
क्या राजनीतिक आलोचना सही है?
राजनीतिक आलोचना आवश्यक है, लेकिन इसे सही संदर्भ में समझना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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