क्या भाजपा ने साबित किया कि शिक्षा उसके लिए प्राथमिकता नहीं है? - आप नेता अनुराग ढांडा
सारांश
Key Takeaways
- शिक्षकों की ड्यूटी कुत्तों की गिनती में लगाना चिंता का विषय है।
- भाजपा सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी है।
- दिल्ली के स्कूलों की हालत बदहाल है।
- बच्चों के भविष्य के लिए शिक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
- आम आदमी पार्टी ने शिक्षा को पहले प्राथमिकता दी थी।
नई दिल्ली, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने दिल्ली और हरियाणा में अध्यापकों को कुत्तों की गिनती में लगाने पर आपत्ति
उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जब दिल्ली में हमारी सरकार थी, तब हम शिक्षकों को विदेश में प्रशिक्षण के लिए भेजा करते थे ताकि बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सके। लेकिन, वर्तमान सरकार शिक्षकों को कुत्तों की गिनती में लगा रही है। इससे यह स्पष्ट है कि इस सरकार की शिक्षा को लेकर कितनी प्राथमिकता है।
'आप' नेता ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे एक अधिसूचना जारी करें, जिसके तहत कुत्तों और अन्य आवारा पशुओं की गिनती के लिए भर्ती निकाले। मुझे पूरा विश्वास है कि हरियाणा सरकार आवारा पशुओं की गिनती के लिए अशिक्षित लोग मिल जाएंगे, जो इस काम को निष्ठापूर्वक कर सकेंगे। लेकिन, जिस तरह से अध्यापकों को इस काम में लगाया जा रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा और दिल्ली की भाजपा सरकार ने अपने इस आदेश से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह शिक्षा को कितनी प्राथमिकता देती है। ऐसा करके भाजपा सरकार मासूम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। बच्चे इस देश का भविष्य हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों के हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात हम स्वीकार नहीं करेंगे। जब दिल्ली में हमारी सरकार थी, तो हमने यह सुनिश्चित किया था कि सभी बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिले। लेकिन, अब भाजपा सरकार इस दिशा में लगातार रोड़ा अटका रही है, जो पूरी तरह से अनुचित है।
‘आप’ नेता ने कहा कि मैं पिछले कुछ दिनों से अखबारों में पढ़ रहा हूं कि दिल्ली के स्कूलों की हालत दयनीय है। आलम यह है कि बच्चों के बैठने के लिए सर्दी में बैंच की भी व्यवस्था नहीं है। वे घर से मैट लेकर आ रहे हैं। ऐसे में मेरा सीधा सा सवाल है कि आखिर यह सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए क्या काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि इन लोगों ने ऐलान किया था कि हम पीएम श्री योजना के तहत उन्नत सुविधाओं से युक्त स्कूलों का निर्माण करेंगे, लेकिन आज स्थिति देख लीजिए कि स्कूलों की हालत बदहाल है। बच्चे दयनीय दशा में स्कूल जाने को मजबूर हैं। सरकार की कार्यशैली से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा की सरकार नहीं चाहती कि गरीबों के बच्चे पढ़ें। इसी वजह से उनके शासनकाल में स्कूलों की हालत बदहाल हो चुकी है।