क्या रेखा आर्या के पति को बिहार और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए?
सारांश
Key Takeaways
- बिहार की महिलाओं का सम्मान महत्वपूर्ण है।
- गिरधारी लाल को माफी मांगने के लिए कहा गया है।
- इस तरह के बयान की निंदा करनी चाहिए।
- महिलाओं का सशक्तीकरण जरूरी है।
- राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे इस मामले पर ध्यान दें।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जदयू के नेता रामप्रीत मंडल ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार में मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल के संदर्भ में कहा कि उन्हें अपने विवादित बयान के लिए तुरंत बिहार और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। अन्यथा, वे इस मुद्दे को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष उठाएंगे।
जदयू नेता का यह बयान तब आया है जब गिरधारी लाल अपने एक विवादित बयान के कारण आलोचना का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बिहार की लड़कियों के बारे में असंवेदनशील टिप्पणी की थी।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से यह कहना चाहता हूं कि बिहार अपने बच्चों, लड़कियों या बेटियों का कोई अपमान सहन नहीं करेगा। यह हमारे प्रधानमंत्री का भी नारा है। भारत अपनी बेटियों का अपमान नहीं सह सकता।"
उन्होंने आगे कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि मंत्री के पूर्वज भी बिहार के हैं। उनकी पत्नी मंत्री हैं। मैं मंत्री से आग्रह करता हूं कि वे अपने पति को कहें कि बिहार के लोगों से माफी मांगें। यदि माफी नहीं मांगी गई, तो मैं इस मामले का समाधान करने के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करूंगा। अगर आवश्यक हुआ तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
उन्होंने कहा कि गिरधारी लाल का बयान बेहद अनुचित है और इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है।
जदयू नेता ने कहा, "बिहार मां सीता की धरती है। बिहार के लोग मेहनत करके अपनी बेटियों को पढ़ाते हैं। नीतीश कुमार महिला सशक्तीकरण के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ा रहे हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि बीपीएससी परीक्षा में दूसरे राज्यों की बेटियां भी भाग ले रही हैं और सुरक्षित बिहार में रह रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी को भी किसी राज्य की महिलाओं के बारे में ऐसा कहना नहीं चाहिए। पूरे भारत में महिलाओं का सम्मान किया जाता है।