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विपक्ष ने विदेश मंत्री के एकतरफा बयान पर उठाए सवाल, केंद्र की विदेश नीति पर उठी चिंताएँ

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विपक्ष ने विदेश मंत्री के एकतरफा बयान पर उठाए सवाल, केंद्र की विदेश नीति पर उठी चिंताएँ

सारांश

विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हालिया बयान के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर कड़ी आलोचना की है। जानें क्या कह रहे हैं नेता और कैसे वैश्विक संकट भारत को प्रभावित कर रहा है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्री ने खाड़ी संघर्ष पर चिंता जताई।
विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति की कड़ी आलोचना की।
वैश्विक संकट का भारत पर प्रभाव पड़ा है।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई है।
भारतीय नागरिकों को सुरक्षित लाने का ऑपरेशन जारी है।

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा राज्यसभा में खाड़ी क्षेत्र के संघर्ष के बारे में दिए गए बयान के बाद, विपक्षी नेताओं ने सोमवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।

कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन ने कहा, "सरकार मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रही है। हमने दोनों सदनों में चर्चा के लिए प्रस्ताव पेश किया है। हमारी विदेश नीति विफल साबित हो रही है। जिस प्रकार ट्रंप के बयान आ रहे हैं, सरकार का क्या रुख है? कई भारतीय नागरिक विदेशों में फंसे हुए हैं। 55 प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पाद हमें बाहर से मिलते हैं, इसका क्या हल निकाला जा रहा है? किसके दबाव में ऐसे छोटे-छोटे बयान दिए जा रहे हैं या बचने का प्रयास किया जा रहा है?"

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने विदेश मंत्री जयशंकर के लोकसभा में दिए गए बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा, "जहां विपक्ष सवाल नहीं कर सकता, वहां की विदेश नीति खोखली है। यदि आप संसद में आकर बयान देते हैं तो आपको विपक्ष के सवालों के जवाब भी देने चाहिए। आप कोई सवाल नहीं ले रहे हैं, यही कारण है कि विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। जो बयान एकतरफा हैं और विपक्ष की बात नहीं सुनते, वे बयान नहीं बल्कि बचाव हैं।"

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि वैश्विक स्थिति, विशेष रूप से मध्य पूर्व में, अत्यंत तनावपूर्ण है और संसद में इस पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "दुनिया, खासकर मध्य पूर्व, गंभीर संकट का सामना कर रहा है। तेल संकट और ऊर्जा क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसका असर भारत में भी दिखाई दे रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी गिर रहे हैं, जिससे शेयर बाजार प्रभावित हो रहा है। इस सत्र में इन मुद्दों पर गहन चर्चा होनी चाहिए। किसी मंत्री के लिए ऐसे महत्वपूर्ण मामलों पर केवल बयान देना पर्याप्त नहीं है।"

यह भी उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर करीबी नजर रख रहे हैं। ग़ल्फ देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक निवास करते हैं। वर्तमान स्थिति के मद्देनजर, भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से भारत लाने के लिए ऑपरेशन जारी है।

विदेश मंत्री ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं और वहां काम करते हैं, इसलिए यह संघर्ष भारत के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समय है कि हमारी सरकार अपने विदेश नीति को स्पष्टता और निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करे। विपक्ष के सवालों का जवाब देना जरूरी है ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री ने क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित लाने का ऑपरेशन चल रहा है।
विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति पर क्या आलोचना की?
विपक्ष ने सरकार के बयानों को एकतरफा और मुद्दों से भटकाने वाला बताया है। उन्होंने गंभीर चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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